Amarnath Yatra 2026: 03 जुलाई से कड़ी सुरक्षा के बीच पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन लिए रवाना हो गया है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र लिखा है और उन्हें शुभकामनाएं दी है.
PM Modi ने लिखा श्रद्धालुओं को पत्र
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, “प्रिय श्रद्धालु, हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी! जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है. ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है. देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं.” उन्होंने आगे लिखा कि जम्मू-कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ धाम की यात्रा में शामिल होना हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय है और बाबा बर्फानी के दर्शन लाखों श्रद्धालुओं के जीवन का अविस्मरणीय अनुभव होते हैं.
बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पांच संकल्पों से जुड़ा मेरा यह पत्र… pic.twitter.com/6Bc2Y9tXJC
— Narendra Modi (@narendramodi) July 3, 2026
जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सराहना की Amarnath Yatra 2026
पीएम मोदी ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण है. देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े श्रद्धालु एक ही आस्था के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. पीएम ने यात्रा के सफल संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की. साथ ही भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और सेवा में जुटे सभी स्वयंसेवकों का विशेष रूप से अभिनंदन किया.
स्थानीय नागरिकों की प्रशंसा की
पीएम मोदी ने अपने पत्र में कहा कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोग श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आए श्रद्धालु भंडारों और लंगरों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश करते हैं. यह भावना भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श को साकार करती है.
पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह भी किया
इसके अलावा पीएम ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह भी किया. उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करने तथा बारिश और ठंड से सावधानी बरतने की अपील की. इसके अलावा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत यात्रा के खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करने का आग्रह किया, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजीविका को मजबूती मिले.

