महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस आज, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Rani Durgavat Balidan Diwas: आज देशभर में गोंडवाना साम्राज्य की महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया जा रहा है. इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “न्यायप्रिय शासिका और नारी शक्ति की प्रतीक, गोंडवाना साम्राज्य की महारानी दुर्गावती ने स्वराज्य और स्वसंस्कृति की रक्षा के लिए मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध वीरतापूर्वक संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया. शासन को जनकेंद्रित बनाकर समाज हित में अनेक मंदिरों, धर्मशालाओं और तालाबों का निर्माण कराने वालीं रानी दुर्गावती जी सुशासन और सेवा की अमर प्रेरणा हैं. रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उन्हें सादर नमन.”

धर्मेंद्र प्रधान ने किया नमन Rani Durgavat Balidan Diwas

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर लिखा, “मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली रानी दुर्गावती का जीवन त्याग, शौर्य और स्वाभिमान की अमर प्रेरणा है. उनकी वीरगाथा भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगी.”

शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “चंदेलों की बेटी थी, गौंडवाने की रानी थी, चंडी थी, रणचंडी थी, वह दुर्गावती भवानी थी.” उन्होंने आगे लिखा, “मातृभूमि के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्राणोत्सर्ग करने वाली महान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. इस माटी का कण-कण महान वीरांगना की वीरता, साहस और शौर्य गाथा से धन्य व गौरवान्वित है। आप युगों-युगों तक देश की युवा पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा और सम्मान के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देती रहेंगी.”

नितिन नवीन ने दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “गोंडवाना साम्राज्य की पराक्रमी महारानी, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा हेतु अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया. कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने शौर्य, स्वाभिमान और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया तथा विदेशी आक्रांताओं के समक्ष झुकने के बजाय वीरगति को वरण कर इतिहास में अमिट छाप छोड़ी. उनका बलिदान राष्ट्रभक्ति, साहस और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है. उनका जीवन एवं संघर्ष हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा.”

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