Amit Shah In Jagdalpur: सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ. वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के समापन समारोह में भाग लेने पहुंचे. छत्तीसगढ़ में बस्तर पंडुम कार्यक्रम के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर की संस्कृति को आने वाले दशकों तक सुरक्षित रखना चाहती है.
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी का लक्ष्य बस्तर की संस्कृति और विरासत को विश्व पटल तक पहुंचाना है, ताकि इसकी पहचान बंदूक और विस्फोटकों से नहीं, बल्कि परंपरा से हो. शेष बचे कई नक्सलियों में युवा आदिवासी लड़कियां भी शामिल हैं, उनका पुनर्वास जरूरी है, क्योंकि उनका पूरा जीवन आगे पड़ा है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माओवादी पुनर्वास नीति सबसे आकर्षक है. जो लोग गोली चलाना, स्कूल और अस्पताल जलाना जारी रखेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, हिंसा का कड़ा जवाब मिलेगा.
माओवाद ने समाज को कभी लाभ नहीं पहुंचाया, जहां भी रहा वहां विनाश ही हुआ, कोलंबिया, पेरू, कंबोडिया जैसे देशों में भी यही देखा गया. शाह ने कहा कि जो बस्तर कभी नक्सल हिंसा का गढ़ माना जाता था, आज जनजातीय कला, संस्कृति और गौरव के उत्सव का केंद्र बन रहा है.
अमित शाह के आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया.
‘बस्तर पण्डुम’ एक महत्वपूर्ण संभाग स्तरीय आयोजन है, जिसके समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति कार्यक्रम के महत्व को बढ़ाती है. इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की संस्कृति और विकास को बढ़ावा देना है. मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस अवसर पर क्षेत्रीय नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाया. अधिकारियों की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम का प्रबंधन सुचारू रूप से हो.

