बिहारः सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, इस योजना के तहत इन महिलाओं को मिलेंगे 20-20 हजार

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bihar Government Scheme Women: बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब जमीन पर असर दिखाने लगी है. बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटे स्तर पर रोजगार शुरू कर अपनी आय के साधन विकसित किए हैं. हाल ही में किए गए सर्वे से यह संकेत मिला है कि योजना का लाभ धीरे-धीरे व्यापक रूप से सामने आ रहा है.

इसको लेकर राज्य सरकार की सहयोगी संस्था जीविका (JEEViKA) की ओर से अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया जा चुका है. इन महिलाओं को योजना के तहत शुरुआती सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे. सर्वे के आधार पर यह पता लगाया गया है कि कितनी महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू किया और उनकी स्थिति क्या है.

70 प्रतिशत महिलाओं ने शुरू किया काम

जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार उन महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिन्होंने पहले मिली राशि से अपना रोजगार शुरू कर उसे सही तरीके से आगे बढ़ाया है. इस बीच सर्वे के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 70 प्रतिशत लाभुक महिलाओं ने किसी न किसी रूप में अपना काम शुरू कर लिया है. यह आंकड़ा योजना की सफलता को दर्शाता है. जिन महिलाओं का व्यवसाय बेहतर तरीके से चल रहा है, उन्हें जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये देने की तैयारी है.

इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है. पहली किस्त 10 हजार रुपये की दी जा चुकी है. दूसरी किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जिसमें लाभुक को कुछ अंशदान भी करना होगा. इसके बाद तीसरी और चौथी किस्त में क्रमश: 40 हजार और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे. अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें लाभुक को कोई योगदान नहीं करना होगा. विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता देने का भी प्रावधान है.

सर्वे में यह भी सामने आया है कि महिलाओं ने अपनी सुविधा और स्थानीय जरूरत के मुताबिक विभिन्न प्रकार के रोजगार शुरू किए हैं. सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन को अपनाया है, जिसमें गाय, बकरी और मुर्गी पालन प्रमुख हैं. इसके अलावा फल-सब्जी की दुकान, किराना, सिलाई-कढ़ाई, चाय-पकौड़े की दुकान और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय भी बड़ी संख्या में शुरू किए गए हैं.

यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आय में योगदान दें. सर्वे का कार्य पूरा होते ही योग्य लाभुकों को अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हो सके.

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है. बड़ी संख्या में महिलाओं का रोजगार शुरू करना इस योजना की सफलता का संकेत है. आने वाले समय में यदि यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रही है, तो यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है.

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