Budget 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एक अहम घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली. बजट के दिन घरेलू बाजार दबाव में आ गया और सेंसेक्स करीब 2,300 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ टूट गया. लगातार नौवां बजट पेश किए जाने के बाद रविवार को बाजार में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया. कारोबारी सत्र के दौरान दिन के उच्च स्तर से सेंसेक्स 2,300 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी में भी 600 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली.
STT बढ़ोतरी से बढ़ा बाजार पर दबाव
बजट के बाद निवेशक सतर्क नजर आए, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया. दरअसल, वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी करने की घोषणा की और फ्यूचर्स पर STT बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया. इस ऐलान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. हालांकि बजट में आर्थिक विकास को गति देने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार दबाव में नजर आया.
बाजार की शुरुआत सपाट, सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में
रविवार को बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही. सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा. बजट को लेकर निवेशकों की सतर्कता और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी (करीब 92 रुपये प्रति डॉलर) ने बाजार की धारणा पर असर डाला. कारोबार शुरू होते ही अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में चले गए.
निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा टूटा और इसमें 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली.
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स टॉप गेनर
निफ्टी के टॉप गेनर्स में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल रहा. निवेशकों को बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए ज्यादा फंड मिलने की उम्मीद थी, जिससे इस शेयर में खरीदारी देखने को मिली. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट की बड़ी वजह निवेशकों की सतर्कता रही. उन्हें उम्मीद थी कि बजट में इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन 2025 में पहले ही टैक्स कटौती हो चुकी थी, इसलिए इस बार कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ.
कुछ सेक्टरों में बनी रह सकती है दिलचस्पी
टैक्स सिस्टम में छोटे बदलाव और लंबे समय के विकास से जुड़े कदमों को सकारात्मक माना गया, लेकिन ये बाजार में शुरुआती बिकवाली को रोकने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुए. विश्लेषकों ने कहा कि रक्षा क्षेत्र से जुड़े शेयरों और मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है. इसके साथ ही पीएसयू बैंकों के विलय और डिसइन्वेस्टमेंट से जुड़े ऐलानों पर भी बाजार की नजर रहेगी.
दिनभर उतार-चढ़ाव की संभावना
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. बाजार की दिशा बजट से जुड़ी घोषणाओं, पूंजीगत खर्च के संकेतों, विभिन्न सेक्टरों को मिलने वाली राहत और राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों पर निर्भर करेगी. अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का लगभग 4.3 से 4.4 प्रतिशत के बीच रह सकता है.
सेटलमेंट हॉलिडे का असर
शेयर बाजार में कारोबार दोपहर 3:30 बजे तक जारी रहेगा. हालांकि 30 जनवरी को खरीदे गए शेयरों की बिक्री आज सेटलमेंट हॉलिडे के चलते संभव नहीं होगी. विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक सरकार के कर्ज स्तर, घाटे के आंकड़ों और आने वाले वर्ष में उधारी की रणनीति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, ताकि आगे की आर्थिक नीति और दिशा को बेहतर तरीके से समझा जा सके.
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