छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती: गृह मंत्री अमित शाह बोले-दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और अकल्पनीय रणनीति…

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Chhatrapati shivaji maharaj jayanti 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती के अवसर पर उन्‍हें याद करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज ने हर वर्ग को संगठित कर एक ऐसी विशाल सेना का निर्माण किया, जिसका ध्येय ही राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा था. उनकी जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और अकल्पनीय रणनीति इतिहास में बिरले ही दिखाई देते हैं.

शिवाजी ने की राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “अल्पायु में ही हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प लेकर आजीवन धर्मध्वजरक्षा के लिए कृतसंकल्पित रहने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज जी ने राष्ट्र के कण-कण में स्वधर्म, स्वराज और स्वभाषा के लिए जीने-मरने की अमर जिजीविषा जागृत की. उन्होंने हर वर्ग को संगठित कर एक ऐसी विशाल सेना का निर्माण किया, जिसका ध्येय ही राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा था. उनकी जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और अकल्पनीय रणनीति इतिहास में बिरले ही दिखाई देते हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उनका वंदन करता हूं.”

शिवाजी महाराज का मतलब संकल्प, शौर्य, समर्पण और बलिदान

अमित शाह ने शिवाजी महाराज को लेकर अपने भाषण का एक अंश शेयर किया. उन्होंने कहा कि “शिवाजी महाराज का मतलब संकल्प, शौर्य, समर्पण और बलिदान है. उन्होंने हिंदुस्तान के कण-कण में स्वधर्म, स्वराज और स्वभाषा के लिए मरने की एक अमर जिजीविषा पैदा करने का काम किया. देखते-देखते चारों ओर मुगलशायी, अधीनशायी और निजामशायी से घिरा हुआ महाराष्ट्र हिंदवी स्वराज में बदल गया. कुछ ही सालों में अटक से कटक, बंगाल और दक्षिण में तमिलनाडु तक गुजरात समेत समग्र देश को स्वराज का स्वप्न सफल होता हुआ दिखाई देता है.”

12 साल के बच्‍चे ने की प्रतिज्ञा

उन्होंने कहा कि “शिवाजी महाराज का जन्म हुआ. उस समय घोर अंधकार के अंदर समग्र देश की जनता डूबी हुई थी. किसी के मन में स्वराज की कल्पना आना भी मुश्किल था. इस तरह का वातावरण उस समय था. एक 12 साल का बच्चा प्रतिज्ञा करता है कि सिंधु से कन्याकुमारी तक फिर से एक बार मैं भगवा फहराने का काम करूंगा. मैंने आज तक दुनिया के कई नायकों के जीवन चरित्र पढ़े हैं, लेकिन ऐसी दृढ़ इच्छा शक्ति, अदम्य साहस, अकल्पनीय रणनीति और रणनीति को पूरी करने के लिए समाज के हर वर्ग को साथ में जोड़कर एक अपराजित सेना का निर्माण शिवाजी के सिवा किसी ने नहीं किया.”

200 साल से चल रही मुगलशाही को किया चकनाचूर

अमित शाह ने कहा, “एक बच्चा अपने अदम्य साहस और संकल्प के साथ पूरे देश को स्वराज का मंत्र देकर गया है. देखते-देखते 200 साल से चल रही मुगलशाही को चकनाचूर करके देश को स्वतंत्र कराने का काम किया. जब देश के अलग-अलग हिस्सों तक शिवाजी महाराज की सेना पहुंची, तब लोगों को एहसास हुआ कि हमारा स्वधर्म, भाषाएं और संस्कृति बच गई.”

कभी रूकनी नहीं चाहिए स्‍वाराज की लडाई

उन्होंने कहा कि आज देश की आजादी के 75 साल के बाद दुनिया के सामने सिर उठाकर खड़े हैं. हम संकल्प करते हैं कि आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब दुनिया में पहले नंबर पर हमारा देश होगा. इसकी मूलकल्पना शिवाजी महाराज ने रखी थी. शाह ने कहा, “शिवाजी महाराज का अंतिम संदेश था कि स्वराज की लड़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए. स्वधर्म के सम्मान और स्वभाषा को अमर बनाने की लड़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वो लड़ाई बहुत गौरव के साथ आगे बढ़ी है. हम सबका दायित्व है कि शिवाजी महाराज के चरित्र को बच्चे-बच्चे को सिखाया और पढ़ाया जाए.”

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