Kolkata: पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद मंत्री दिलीप घोष ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर है और लोग कई वर्षों से डर के साए में जी रहे हैं. शिक्षा की स्थिति अच्छी नहीं है, स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल है और उद्योग या रोज़गार के अवसर बहुत ही कम हैं. जनता को पहले ही विश्वास हो गया था कि भाजपा भी पश्चिम बंगाल का विकास कर सकती है. दिलीप घोष ने कहा कि आज छुट्टी है और सोमवार को एक बैठक होगी जिसमें कई निर्णय लिए जा सकते हैं.
जनता की समस्याओं को दूर करना प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि हम लोग पार्टी के नेता आपस में चर्चा कर रहे हैं और यह तय कर रहे हैं कि किसे कौन सी जिम्मेदारियां और भूमिकाएं सौंपी जाएंगी, जिससे पश्चिम बंगाल में विकास का काम तेजी से हो सके. हमारी प्राथमिकता जनता की समस्याओं को दूर करना है, हम लोग उसी तरह काम कर रहे हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में काम करना है. हम तुरंत काम शुरू करेंगे, आपको बदलाव दिखेगा.
यहां कोई कानून-व्यवस्था नहीं
दिलीप घोष ने कहा कि हमें बंगाल को फिर से बनाना है. यहां कोई कानून-व्यवस्था नहीं है, लोग डर के साए में जी रहे थे. हमें हर चीज पर काम करना होगा और इसमें समय लगेगा. हालांकि, हम तुरंत काम शुरू कर देंगे और आप बदलाव देख पाएंगे. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया, जिसे सिर्फ़ 80 सीटें ही मिल पाईं.
पश्चिम बंगाल का विकास भाजपा की प्राथमिकता
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल का विकास भाजपा की प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने वहां की जनता से विकास का जो वादा किया है, हम निश्चित तौर पर उसे निभाएंगे. पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से घुसपैठ होती थी. भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था मजबूत हो. वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर काम होना चाहिए.
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