Faridabad: हरियाणा राज्य के फरीदाबाद में बांग्लादेशियों की धरपकड़ तेज कर दी गई है. पिछले चार महीने के दौरान पुलिस टीमों ने 85 बांग्लादेशियों को ढूंढकर वापस उनके देश भेजा है. इनमें पुरुष, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. तलाश लगातार जारी है. पुलिस की टीमें उन्हें हिरासत में लेकर शेल्टर में भेजती हैं. वहां से उनके सभी दस्तावेज, नाम, परिवार की जानकारी लेकर BSF के पास भेजी जाती है.
फरीदाबाद में 50 के आस-पास हैं झुग्गी बस्तियां
जानकारी के मुताबिक फरीदाबाद में 50 के आस-पास झुग्गी बस्तियां हैं. इसके अलावा दर्जनों अवैध कालोनियां हैं. पुलिस की टीम शहर में चोरी-छिपे अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की इन इलाकों में तलाश कर रही है. इसके लिए लोकल मुखबिर तंत्र की भी मदद ली जा रही है. पुलिस बांग्लादेशियों को ढूंढ-ढूंढकर डिपोर्ट कर रही है. पुलिस आयुक्त ने कई टीमों की इसके लिए ड्यूटी लगाई है.
अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की तलाश तेज
इससे पहले मई 2025 में पलवल और नूंह की पुलिस ने महज नौ दिन के अंदर 106 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया था. फरीदाबाद में पुलिस की टीम ने शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की तलाश तेज कर दी है. जानकारी के मुताबिक बांग्लादेशी शहर में कूड़े के ढेर को छांटने का काम करते हैं. पुलिस की टीमों ने अभी तक जिन्हें भी तलाशा है, वे सभी कूड़े के गोदामों में काम करते पाए गए. कुछ ऐसे भी हैं जो ईको ग्रीन की गाड़ी और डंपिंग यार्ड में कूड़ा छांटने का काम करते थे.
ये आसानी से पहचान में नहीं आते
गंदगी से जुड़े काम को करने का एक कारण यह भी है कि यहां ये आसानी से पहचान में नहीं आते. बदतर माहौल में रहने के कारण इन्हें काफी बीमारियां भी हो चुकी हैं. पुलिस की टीम बांग्लादेशियों को पकड़कर ट्रेन बसों में ले जाती है. यहां से सभी जानकारी लेने के बाद BSF को भेजी जाती है. BSF की तरफ से मंजूरी आने के बाद पुलिस की टीम बांग्लादेशियों को गाड़ी में बिठाकर बार्डर पर छोड़ आती है. वहां से उन्हें उनके देश में भेज दिया जाता है.
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