Faridabad: कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर खड़ी हो जाती है, जहां इंसान उम्मीद छोड़ देता है, लेकिन कुदरत हार मानने नहीं देती. फरीदाबाद से सामने आई यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. एक पिता ने अपने दो मासूम बेटों के साथ आगरा नहर में छलांग लगा दी. उफनती नहर ने कुछ ही पलों में पिता और छोटे बेटे की जिंदगी छीन ली, लेकिन 9 साल का सम्राट मौत से घंटों लड़ता रहा और आखिरकार जिंदगी की जंग जीत गया.
पिता ने उठाया खौफनाक कदम
यह दर्दनाक घटना रविवार शाम की बताई जा रही है. फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच इलाके में रहने वाले भगवत दयाल, जो पेशे से इंजीनियर थे, अपने दो बेटों को लेकर आगरा नहर पहुंचे. अचानक उन्होंने दोनों बच्चों के साथ नहर में छलांग लगा दी. आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची. रातभर नहर में सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन तेज बहाव और अंधेरे की वजह से किसी का पता नहीं चल सका. परिवार के लोग पूरी रात रोते-बिलखते रहे.
5 किलोमीटर तक बहता रहा सम्राट
9 साल का सम्राट नहर के तेज बहाव में करीब 5 किलोमीटर दूर तक बह गया. चारों तरफ गहरा पानी, अंधेरा और मौत का डर था. इसी बीच पलवल के मांदकोल गांव के पास उसे पानी के ऊपर झुकी पेड़ की एक टहनी दिखाई दी. मासूम ने हिम्मत नहीं हारी. उसने पूरी ताकत से उस टहनी को पकड़ लिया और करीब 12 घंटे तक उसी के सहारे जिंदगी से चिपका रहा. ठंडा पानी, भूख और डर के बीच सम्राट पूरी रात मौत से लड़ता रहा.
देवदूत बनकर पहुंचे गांव के युवक
सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे मांदकोल गांव के रहने वाले राजेंद्र और उनका साथी नहर किनारे टहल रहे थे. तभी उन्हें किसी बच्चे की धीमी आवाज सुनाई दी. दोनों ने ध्यान से देखा तो एक बच्चा पानी में फंसा मदद मांग रहा था. राजेंद्र ने बिना देर किए नहर में छलांग लगा दी और सम्राट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. बच्चा ठंड से कांप रहा था और उसकी हालत बेहद खराब थी. युवक उसे अपने घर ले गए, कंबल ओढ़ाया और गर्म चाय पिलाई. कुछ देर बाद सम्राट ने अपनी मां का फोन नंबर बताया.
मां को आया फोन, तो छलक पड़े आंसू
जब सम्राट की मां को फोन कर बताया गया कि उनका बेटा जिंदा है, तो घर में खुशी और दर्द दोनों का माहौल बन गया. मां की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे, क्योंकि एक बेटा मौत के मुंह से वापस लौट आया था, लेकिन पति और छोटे बेटे की मौत हो चुकी थी.
पिता और छोटे बेटे के मिले शव
पुलिस के मुताबिक, भगवत दयाल और छोटे बेटे के शव यूपी के शेरगढ़ (छाता) इलाके से बरामद कर लिए गए हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इंजीनियर पिता ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया.
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. लोग 9 साल के सम्राट की हिम्मत और जिंदगी बचाने वाले युवकों की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं. सोशल Media पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे “कुदरत का करिश्मा” बता रहे हैं.

