मौजूदा फसल सीजन में खाद के डायवर्जन और इसके गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, खरीफ और चल रहे रबी सीजन 2025-26 (अप्रैल से जनवरी 2026) के दौरान कुल 14,692 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 6,373 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए और 766 एफआईआर दर्ज की गईं. सरकार का मकसद किसानों के हितों की रक्षा करना और राष्ट्रीय खाद सप्लाई चेन में पारदर्शिता बनाए रखना है.
राज्यों के साथ मिलकर चला सघन अभियान
सरकार ने राज्य सरकारों और जिला-स्तरीय अधिकारियों के साथ मिलकर एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें निरीक्षण, छापेमारी और कानूनी कार्रवाई शामिल रही. खाद विभाग ने कृषि और किसान कल्याण विभाग के सहयोग से यह अभियान चलाया. शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ये सख्त और सक्रिय कदम खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ बाजार में अनुशासन को मजबूत करते हैं और देशभर में वितरण व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखते हैं.
असंतुलित खाद के दुष्परिणाम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद का असंतुलित उपयोग सिर्फ मिट्टी की गुणवत्ता को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और मानव व पशु स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. बयान के मुताबिक, पोषक तत्वों की कमी वाली मिट्टी में उगाई गई फसलों में पशुओं के चारे के लिए आवश्यक खनिजों की कमी हो जाती है, जिससे उनकी सेहत और उत्पादकता प्रभावित होती है. इस तरह पोषक तत्वों का असंतुलन लंबे समय तक चलने वाली कृषि प्रणाली की स्थिरता और दक्षता के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
संतुलित खाद और सॉइल हेल्थ कार्ड पर जोर
सरकार ने टिकाऊ कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिट्टी की सेहत को बहाल करने और बनाए रखने के उद्देश्य से संतुलित खाद उपयोग को एक प्रमुख रणनीति के तौर पर अपनाया है. सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि में पोषक तत्वों की स्थिति और भौतिक गुणों की पूरी जानकारी दी जाती है. साथ ही फसलों के लिए रासायनिक उर्वरक, बायोफर्टिलाइजर, जैविक इनपुट और मिट्टी उपचार के सही उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाते हैं.
सॉइल हेल्थ कार्ड योजना का व्यापक प्रभाव
जुलाई 2025 तक इस योजना के तहत 93 हजार से अधिक किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, करीब 6.8 लाख फील्ड डेमोंस्ट्रेशन किए गए और हजारों जागरूकता अभियान चलाए गए. वहीं, नवंबर 2025 के मध्य तक देशभर में 25.55 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके थे, जो संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने में इस योजना के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है.