New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में बजट पेश कर रही हैं. वित्त मंत्री बजट ऐसे समय पर पेश कर रही हैं, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं और टैरिफ से प्रभावित कई सेक्टर्स राहत की उम्मीद कर रहे हैं. इस कारण बजट 2026 में बाजार का ध्यान इंडस्ट्री और निर्यात से जुड़े ऐलान पर हो सकता है.
GST संग्रह सालाना आधार पर 1.93 लाख करोड़ रुपए
दूसरी ओर बजट 2026 से पहले सरकार की ओर से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) संग्रह के आंकड़े रविवार को पेश कर दिए हैं. जनवरी में सकल GST संग्रह सालाना आधार पर 6.2% बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपए हो गया है. इससे पहले जनवरी 2025 में GST संग्रह 1.82 लाख करोड़ रुपए था. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अप्रैल से जनवरी 2025-26 की अवधि में सकल GST संग्रह 18.43 लाख करोड़ रुपए रहा है.
शुद्ध GST संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपए
इसमें सालाना आधार पर 8.3% की वृद्धि देखी गई है. जनवरी में शुद्ध GST संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपए रहा है. इसमें पिछले साल की समान अवधि में 7.6% की वृद्धि दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक शुद्ध GST संग्रह सालाना आधार पर 6.8% की वृद्धि के साथ 15.95 लाख करोड़ रुपए था. जनवरी में रिफंड में मिलाजुला रुझान देखने को मिला है.
सालाना आधार पर 3.1% की कमी
बीते महीने कुल GST रिफंड 22,665 करोड़ रुपए रहा है. इसमें सालाना आधार पर 3.1% की कमी आई है. घरेलू रिफंड सालाना आधार पर 7.1% कम होकर 13,119 करोड़ रुपए हो गया है. निर्यात रिफंड सालाना आधार पर 2.9% बढ़कर 9,546 करोड़ रुपए हो गया है.
आर्थिक गतिविधियों में हुई वृद्धि
दिसंबर में GST संग्रह में पिछले वर्ष के इसी महीने के 1,64,556 करोड़ रुपए की तुलना में 6.1% की वृद्धि दर्ज की गई थी और यह बढ़कर 1,74,550 करोड़ रुपए हो गया था, जो इस महीने के दौरान आर्थिक गतिविधियों में हुई वृद्धि को दर्शाता है. केंद्रीय GST संग्रह बढ़कर 34,289 करोड़ रुपए, राज्य GST संग्रह बढ़कर 41,368 करोड़ रुपए और एकीकृत GST संग्रह बढ़कर 98,894 करोड़ रुपए हो गया था.
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