New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा पाहुजा को दी गई 6 महीने की अवमानना की सजा पर रोक लगा दी है. साथ ही इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है. अब सुप्रीम कोर्ट ने पाहुजा को रिहा कर दिया है. यूट्यूबर गुलशन पाहुजा ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें जजों और न्यायिक व्यवस्था पर आरोप लगाने के लिए आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया गया था.
स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू की थी कार्रवाई
पाहुजा के वकील ने जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच को बताया कि वह पहले ही लगभग 48 दिन हिरासत में बिता चुके हैं. अब कोर्ट ने 6 महीने की अवमानना की सजा भी सुना दी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी. इस मामले में जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने मई में पाहुजा को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था और अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं दिखाने का दोषी मानते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी.
न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां
हाईकोर्ट ने कहा था कि जिस वक्त पाहुजा की कोर्ट में सुनवाई हो रही थी, उन्होंने न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करना जारी रखा. उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि उन्हें भारतीय अदालतों से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है. उन्होंने न्यायालयों की कथित मनमानी की तुलना “तानाशाही” से भी की थी. पाहुजा ने कहा था कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था से उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है और अदालतों की मनमर्जी बढ़ती जा रही है. ऐसे में हाईकोर्ट ने इसे अवमानना माना था. हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने पाहुजा को रिहा कर दिया है.
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