Happy new Year 2026: मंगल की कामना को लेकर काशी-अयोध्या सहित देशभर के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Happy new Year 2026: पूरी दुनिया नए साल की खुशियों में डूबी हुई है. न्यूज़ीलैंड से लेकर न्यू जर्सी तक अलग-अलग अंदाज में लोग नए साल का स्वागत कर रहे हैं. भारत में जहां लोगों ने आधी रात तक नए वर्ष का जश्न मनाया तो अब सुबह नए वर्ष के पहले दिन मंगल की कामना को लेकर भोर में 4 बजे से श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने का क्रम शुरु हो गया. मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. लोग नए साल का स्वागत अपने आराध्य की उपासना से कर रहे हैं. मंदिरों में भक्ति का सैलाब दिखाई दे रहा है.

नए साल पर धार्मिक स्थलों का क्या है हाल?

लोग नए वर्ष के पहले दिन की शुरुआत अपने भगवान के दर्शन के साथ कर रहे हैं. अयोध्या, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन, शिरडी, अमृतसर में लाखों लोग पूजा अर्चना के लिए पहुंचे हैं. नए साल के मौके पर मंदिरों में भी भव्य तैयारियां की गई हैं. भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों में भगवान के दर्शन का समय बढ़ा दिया गया है. अयोध्या में रामलला और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए दो-दो किलोमीटर लंबी लाइनें और तीन किमी तक बैरिकेडिंग की गई है. दर्शन के लिए 10 सेकेंड से कम समय मिल रहा है.

 

वाराणसी काशी विश्वनाथ धाम

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में नए वर्ष के मौके पर भक्तों की भीड़ उमड़ी है. लाखों लोग भगवान विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे हैं. बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वालों में सबसे ज्यादा तादात युवाओं की है. वाराणसी के घाटों से लेकर मंदिरों तक भक्त ही नजर आ रहे हैं. भोलेनाथ के जयकारों के साथ इनका जोश हाई है. घंटों लाइन में इंतजार करने के बाद बाबा के दर्शन हो रहे हैं.

काशी विश्वनाथ मंदिर...- India TV Hindi

वर्ष 2025 में बाबा विश्वनाथ के दरबार रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे. 15 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों ने 2025 में बाबा विश्वनाथ के दर पर हाजिरी लगाई है. नए साल के मौके पर वाराणसी में इस बार हमेशा से 10 गुना ज्यादा भीड़ है.

अयोध्या राम मंदिर

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी की दूसरी वर्षगांठ पर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. नए वर्ष भी भक्तों की भीड़ में और इजाफा हो गया. आलम यह  है कि जिधर भी नजर जा  रही है, उधर राम के भक्त ही दिखाई दे रहे हैं. राम मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, अंगद टीला, हनुमानगढ़ी, रामपथ और सरयू घाट पर भक्तों की भारी भीड़ है. जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण पूरी तरह से राममय बना हुआ हैं.

मथुरा

मथुरा वृंदावन में तो भक्तों की इतनी भीड़ है कि शहर में पैर रखने की जगह है. शहर में गाड़ियों की एंट्री बैन है, लेकिन फिर भी रास्तों पर सैलाब नजर आ रहा है. भक्तों के उत्साह को देखते हुए बांके बिहारी जी के मंदिर में दर्शन की टाइमिंग बढ़ाई गई है. भक्तों के आने-जाने के लिए अलग-अलग गेट खोले गए हैं, लेकिन भक्तों का ऐसा सैलाब है, जो कम होने का नाम नहीं ले रहा है. देश के कोने-कोने से लोग भगवान बांके बिहारी के दर्शन के लिए मंदिर की चौखट पर मत्था टेकने पहुंचे हैं.

उज्जैन

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भोलेनाथ का अभिषेक और भस्म आरती के दर्शन के लिए श्रद्धालु लाखों पहुंचे हैं. मुंबई के सिद्धिविनायक में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें दिखीं, जहां हजारों भक्तों के साथ सुबह की आरती की गई.

शिरडी

नए साल के अवसर पर भक्ति का ये रंग अयोध्या मथुरा और काशी में ही नहीं, दूसरे धार्मिक स्थानों पर भी दिख रहा है. शिरडी में भी नए साल के मौके पर बाबा के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. यहां भी भक्तों की लाइन में सबसे ज्यादा संख्या युवाकों की है.

माता वैष्णों देवी, खाटू श्याम मंदिर

कटरा में माता वैष्णों देवी मंदिर, राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर, शिमला के जाखू मंदिर में भी भक्तों की लंबी लंबी लाइनें हैं. कड़ाके की ठंड के बीच लोग भगवान के जयकारों के साथ दर्शन करने पहुंचे हैं.

हरिद्वार

नए वर्ष पहले दिन लाखों लोग मां गंगा की अराधना के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं. नए साल पर गंगा स्नान करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. गंगा के तट पर हजारों लोगों की भीड़ दिख रही है. मां मनसा देवी मंदिर में माता रानी की एक झलक पाने के लिए लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं.

नए साल के अवसर पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की इतनी अधिक भीड़ है कि मंदिर में श्रद्धालुओं को पैर रखने की जगह नहीं है. मंदिरों के आसपास और रास्तों पर सिर्फ भक्त ही दिखाई दे रहे हैं. हर कोई साल के पहले दिन शुरुआत देवी-देवताओं के दर्शन के साथ करना चाह रहा है. इस वजह से मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है.

Latest News

अप्रैल-नवंबर अवधि में बजट लक्ष्य का 62.3% रहा भारत का राजकोषीय घाटा

भारत का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से नवंबर तक के आठ महीने में बढ़कर 9.77 लाख...

More Articles Like This

Exit mobile version