Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बवाल मचा है. कावेरी जल विवाद को लेकर एमके स्टालिन के बेटे और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने सीएम विजय थलपति पर निशाना साधा था. हालांकि, इस दौरान उन्होंने थलपति की सबसे करीबी मित्र और एक्ट्रेस त्रिषा पर एक विवादित टिप्पणी कर दी थी. जिसके बाद बीते दिन उन्हें पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था और उसी दिन उनकी रिहाई भी हो गई. रिहाई के बाद उदयनिधि ने अपने पिता से मुलाक़ात की. उन्होंने इस दौरान सरकार पर भी निशाना साधा.
क्या बोले Udhayanidhi Stalin
तृषा पर डबल मीनिंग टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन को बीते दिन उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था. फिर उन्हें तंजावुर ले जाया गया. जहां उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया. हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इन आरोपों को झूठा बताया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ‘एक ही अर्थ वाला बयान दिया था.
मेरे भाषण को काट–छांट कर पेश किया गया
उन्होंने कहा– ‘मेरे भाषण को काट–छांट कर और कुछ हिस्सों को जोड़कर यह दावा किया गया कि मैंने अनुचित बात कही है. कुछ लोगों ने मुझ पर डबल मीनिंग बात करने का आरोप लगाया है. मैंने केवल एक ही अर्थ में बात की थी कि किसानों को पानी की जरूरत है.’
झूठे मामलों से डरने वाले नहीं हैं
उदयनिधि स्टालिन ने कहा, महिलाओं का अपमान करने का मेरा कोई इरादा नहीं है. तमिलनाडु की हर मां और बहन को मैं अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं.’’ उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कुछ सहयोगी राजनीतिक नेताओं ने भी उनके पूरे भाषण का संदर्भ जाने बिना उनकी आलोचना की. एक्ट्रेस पर टिप्पणी करने के आरोप को झूठा बताते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कावेरी का पानी जारी करने की मांग करते समय उन्होंने ‘एक ही अर्थ‘ में बात की थी. उदयनिधि ने टीवीके सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘सर्कस कैंप‘ करार दिया और कहा कि वह झूठे मामलों से डरने वाले नहीं हैं. इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ एक आतंकवादी जैसा व्यवहार किया और उन्हें सड़क मार्ग से तंजावुर ले जाया गया.

