छत्तीसगढ़ के कांकेर में IED ब्लास्ट, तीन जवान शहीद, एक गंभीर रूप से घायल

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Kanker IED Blast: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ा झटका लगा है. कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास हुए एक आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. यह हादसा उस समय हुआ, जब सुरक्षाबलों की टीम डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन पर निकली थी.

तीन जवान शहीद

जानकारी के अनुसार, आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से डीआरजी के चार जवान घायल हो गए थे. इनमें इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

विस्फोटक अब भी खतरा बने हुए हैं Kanker IED Blast

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से मिली जानकारी और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने सैकड़ों आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया था. बावजूद इसके, माओवादियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए विस्फोटक अब भी खतरा बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि आज की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई, जब कांकेर जिला पुलिस की टीम एक आईईडी को निष्क्रिय कर रही थी और अचानक उसमें विस्फोट हो गया.

सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है

इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है. साथ ही, शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ उनके गृह नगर भेजने की तैयारी की जा रही है. आपको बताते चलें, 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को आधिकारिक तौर पर नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया था. इसके बाद यह पहली बार है जब नक्सल गतिविधियों से जुड़ा कोई बड़ा विस्फोट सामने आया है. बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों में माओवादियों द्वारा पहले बिछाई गई बारूदी सुरंगें अब भी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं. इन सुरंगों को हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जोखिम अब भी बना हुआ है.

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