India AI Summit : नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में दुनिया के कई बड़े दिग्गज टेक लीडर्स और राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार MeitY द्वारा आयोजित एआई के इस महाकुंभ में भाग लेने भारत पहुंचे Google CEO सुंदर पिचाई ने 15 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है. इसके साथ ही Microsoft के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने भी एआई समिट के दौरान बड़े निवेश की घोषणा की है.
जानकारी के मुताबिक, अपने संबोधन के दौरान माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ का कहना है कि AI के लिए ग्लोबल साउथ में 50 अरब डॉलर यानी लगभग 4 लाख करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा. बताया जा रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट 2030 तक ये रकम AI इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलमेंट के लिए खर्च करेगा. इतना ही नही बल्कि उन्होंने एआई समिट में ये भी कहा कि अभी एआई का फायदा दुनिया में बराबर नहीं बंटा है.
स्टूडेंट्स को एआई से जोड़ने की योजना
इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंट ने इसे लेकर कहा कि ग्लोबल साउथ में टैलेंट की भरमार है और यहां यूजर्स भी काफी हद तक है. माना जा रहा है कि सही इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग के बिना एआई का पूरा फायदा नहीं मिल रहा है. ऐेसे में माइक्रोसॉफ्ट इस कमी को पूरा करना चाहता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिकी टेक कंपनी का फोकस भारत समेत ग्लोबल साउथ में AI डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा. ऐसे में इसके लिए टीचर्स और स्टूडेंट्स को एआई से जोड़ने की योजना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग एआई टूल्स का सही से यूज कर पाए.
एआई ग्रोथ का अहम सेंटर
AI Summit के दौरान ब्रैड स्मिथ का कहना है कि भारत एक बड़ा मार्केट ही नहीं है, बल्कि AI ग्रोथ का अहम सेंटर है. बता दें कि कंपनी पहले से ही भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है. इसके साथ ही नए ऐलान के बाद भारत में डेटा सेंटर और AI से जुड़े स्टार्टअप्स को फायदा मिलने वाला है. आने वाले समय में सरकार और बड़ी टेक कंपनियां मिलकर एआई के जरिए लोगों की जिंदगी आसान बनाने पर काम करेगी.
AI के इस्तेमाल से बड़ा बदलाव
इतना ही नही बल्कि अपने संबोधन के दौरान ब्रैड स्मिथ ने ये भी कहा कि AI का इस्तेमाल एजुकेशन, हेल्थ, एग्रीकल्चर और गवर्नेंस में बड़ा बदलाव ला सकता है. ऐसे में उनका मानना है कि इसके लिए यह टेक्नोलॉजी आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि अगर सही इंफ्रा और ट्रेनिंग मिल जाए तो भारत जैसे देश AI के जरिए बड़ी छलांग लगा सकते हैं.
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