‘पीएम मोदी के अंधे विरोध के चक्कर में PAK ने सब कुछ गंवा दिया’, शहबाज शरीफ के सलाहकार का चौंकाने वाला बयान

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India Pakistan: भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में हमेशा ही खटास बनी रहती है. हालांकि, पाक के कुछ नागरिक और नेता अपने मुल्क को ही इस कड़वाहट का ज़िम्मेदार ठहराते हैं. इसी बीच पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खास सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने प्रधानमंत्री को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है.

शहबाज के सलाहकार ने की पीएम मोदी की तारीफ़

दरअसल, पाकिस्तानी टीवी चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान शहबाज के सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने कहा कि पाकिस्तान के पास भारत के साथ दोस्ती का बहुत ही बढ़िया मौका था, लेकिन पीएम मोदी के अंधे विरोध के चक्कर में पाकिस्तान ने सब कुछ गंवा दिया. उन्होंने कहा कि आज मोदी हमारा फोन नहीं उठाते तो उसके जिम्मेदार हम खुद हैं.

पीएम मोदी की लाहौर यात्रा का किया जिक्र India Pakistan

राणा सनाउल्लाह ने इस दौरान 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा का जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान के पास बहुत बड़ा मौका था. इस दौरान एंकर ने उनसे सवाल किया कि आज इस्लामाबाद ट्रैक 2 डिप्लोमेसी के जरिए नई दिल्ली से संपर्क कर रहा है. तब राणा सनाउल्लाह ने इसे कबूल किया और कहा कि बैकडोर डिप्लोमेसी कभी बंद ही नहीं हुई. उन्होंने बैकडोर डिप्लोमेसी की तारीफ करते हुए कहा कि नवाज शरीफ ने ऐसे हालात बना लिए थे जिससे इस इलाके में अमन चैन कायम हो जाता. उनका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर यात्रा की तरफ था, हालांकि उन्होंने नाम नहीं लिया.

घर आते हैं तो आप उन्हें गालियां देते हैं

इस दौरान राणा सनाउल्लाह से पूछा गया कि आप पर पीएम मोदी से दोस्ती बढ़ाने के आरोप लगते हैं. इसका जवाब देते हुए सनाउल्लाह ने कहा, “आप कहते हैं कि बड़ी परेशानी है. मोदी फोन नहीं सुन रहा है. मोदी कल से खामोश है. अब पता नहीं क्या कर देगा. कोई मिसाइल का हमला न हो जाए हमारे ऊपर और जब वो घर आते हैं तो आप उन्हें गालियां देते हैं.”

पाकिस्तान को इन सबसे सबक सीखना चाहिए था

राणा सनाउल्लाह ने आगे कहा कि पाकिस्तान को इन सबसे सबक सीखना चाहिए था लेकिन हमने वक्त गंवा दिया. सनाउल्लाह ने कहा कि अगर उस समय की स्थितियां आगे बढ़ती तो आज इस इलाके में अमन कायम होता. उन्होंने आगे कहा कि भारत से दोस्ती के बाद पाकिस्तान को IMF के पास न जाना पड़ता. 

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