‘भारत और स्पेन आतंकवाद के शिकार’, एस. जयशंकर ने स्पेन के विदेश मंत्री के साथ की बैठक

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Spain India Relations: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को दिल्ली में स्पेन के अपने समकक्ष जोस मैनुअल अल्बेरेस के साथ मुलाकात की. साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और बढ़ती आर्थिक साझेदारी के आधार पर भारत-स्पेन के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की गई.

दुनिया एक बड़े बदलाव से गुजर रही है

स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस के साथ बैठक में अपनी शुरुआती टिप्पणी में एस. जयशंकर ने कहा, “दुनिया एक बड़े बदलाव से गुजर रही है. देशों के लिए साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है. यह बात खासकर आतंकवाद से लड़ने के मामले में लागू होती है, जिसके शिकार भारत और स्पेन दोनों रहे हैं. दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए.” विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच गर्मजोशी भरे और दोस्ताना संबंध हैं, जिनकी जड़ें साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुपक्षवाद और नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति सम्मान में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस साल भारत और स्पेन दोनों राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे.

हमारी राजनीतिक भागीदारी लगातार बढ़ी है Spain India Relations

उन्होंने कहा, “हमारी राजनीतिक भागीदारी लगातार बढ़ी है, जिसकी पहचान लगातार हाई-लेवल बातचीत से होती है. भारत और स्पेन 2026 में डिप्लोमैटिक संबंधों की स्थापना की 70वीं सालगिरह मनाएंगे, साथ ही कल्चर टूरिज्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दोहरा साल भी मनाएंगे. यह पहल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भविष्य-उन्मुख सहयोग के साथ जोड़ने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है.” विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत अगले महीने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी करेगा. एआई को लेकर देश का नजरिया इंसान-केंद्रित, समावेशी और जिम्मेदार व नैतिक इस्तेमाल पर केंद्रित है. यह एक ऐसा दृष्टिकोण है, जो उनके अनुसार यूरोप के साथ काफी मेल खाता है.

आर्थिक साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि आर्थिक साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. एस. जयशंकर ने कहा कि स्पेन ईयू में भारत के महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में से एक है और हाल के सालों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है. स्पेन की कंपनियों ने भारत में, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, अर्बन मोबिलिटी इंजीनियरिंग, वॉटर मैनेजमेंट और स्मार्ट सिटीज में अपनी अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई है. भारतीय कंपनियां भी स्पेन में आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के क्षेत्र में सक्रिय हैं. हमें इस बिजनेस सहयोग को और गहरा करने की काफी संभावना दिखती है.”

पर्यटन भी हमारी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है

दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “हमें उम्मीद है कि पहला ‘मेड इन इंडिया’ सी295 एयरक्राफ्ट इस साल सितंबर से पहले सामने आएगा. यह हमारे रक्षा औद्योगिक सहयोग की बढ़ती गहराई और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है.” उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत सांस्कृतिक संबंधों से समृद्ध है. उन्होंने स्पेन में योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की लोकप्रियता के साथ-साथ भारत में स्पेनिश भाषा और संस्कृति में बढ़ती दिलचस्पी का जिक्र किया. विदेश मंत्री ने आगे कहा, “पर्यटन भी हमारी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण और बढ़ता हुआ स्तंभ है. लोगों के बीच संबंध भारत और स्पेन के बीच एक जीवित पुल का काम करते हैं. हम ज्यादा गतिशीलता, शिक्षा, आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारियों को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

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