UP: सऊदी अरब के रियाद शहर में मिसाइल हमले में मारे गए रवि गोपाल का शव सात दिनों बाद जब उनके गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले 26 वर्षीय रवि गोपाल की मौत की खबर ने पूरे इलाके को गहरे दुख में डाल दिया. बुधवार को उनका शव उनके पैतृक गांव बघाइन लाया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई. बड़े भाई मनमोहन ने उन्हें मुखाग्नि दी.
कई स्थानीय नेता और अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं. कई स्थानीय नेता और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी. पूरे गांव में शोक का माहौल रहा. इससे पहले रवि गोपाल का शव लखनऊ एयरपोर्ट पर जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एंबुलेंस से महमूदाबाद लाया गया. जैसे ही शव गांव पहुंचा, वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आस-पास के लोग अपने लाडले की अंतिम झलक पाने के लिए जमा हो गए.
परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पहुंचा था सऊदी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर तैनात रही ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे. रवि गोपाल पिछले साल 18 सितंबर 2025 को अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सऊदी अरब के रियाद गए थे, जहां वह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे. 18 मार्च की रात वह अपनी पत्नी रितु से फोन पर बात कर रहे थे. उसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और फोन कट गया.
रियाद में हुए मिसाइल हमले में गई थी जान
अगले दिन परिजनों को सूचना मिली कि रियाद में हुए मिसाइल हमले में रवि की मौत हो गई है. यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. उनकी पत्नी, माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए. रवि गोपाल के शव को भारत लाने के लिए प्रशासन ने काफी प्रयास किए. जिलाधिकारी डॉ. राजा रणपति आर ने दिल्ली और रियाद स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखा. दूतावास से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद शव को रियाद से लखनऊ भेजा गया. बुधवार सुबह करीब 7.45 बजे फ्लाइट लखनऊ पहुंची.
सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंपा
इसके बाद सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे. गांव पहुंचने के बाद रवि गोपाल का अंतिम संस्कार किया गया. रवि गोपाल अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनके ऊपर पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी थी.
मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूटा
उनकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है और आर्थिक संकट में आ गया है. ऐसे में परिजनों ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित किया जा सके.
इसे भी पढ़ें. ईरान युद्ध के बीच चीन जाएंगे ट्रंप, व्हाइट हाउस ने किया तारीखों का ऐलान

