Jammu Kashmir: LG मनोज सिन्हा बोले- प्रकृति का संरक्षण हर नागरिक का आध्यात्मिक कर्तव्य

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Jammu Kashmir: बारामुला में रविवार को आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हर नागरिक का आध्यात्मिक कर्तव्य है.  वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को बेहतर और सुरक्षित बनाकर छोड़े.

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है. हमारे पूर्वजों और ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पहले ही नदियों को मां, वृक्षों को जीवनदाता और धरती को मातृशक्ति के रूप में सम्मान देने की शिक्षा दी थी.

नैतिक और आध्यात्मिक दायित्व मानने का आह्वान

उपराज्यपाल श्री सिन्हा ने कहा कि जब हम इस दुनिया से जाएं, तो कोशिश होनी चाहिए कि धरती को पहले से बेहतर स्थिति में अगली पीढ़ी के लिए छोड़कर जाएं. उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन का नैतिक और आध्यात्मिक दायित्व मानने का आह्वान किया.

सनातन परंपरा देती है शांति और सहअस्तित्व का संदेश

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि सनातन परंपरा में यज्ञ निस्वार्थ सेवा, त्याग और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और मानव कल्याण है. उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया विभाजन और संघर्ष की चुनौतियों का सामना कर रही है, तब बारामूला की पावन भूमि से उठ रही प्रार्थनाएं तथा वेदों और भगवद्गीता का संदेश पूरी मानवता को शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व की प्रेरणा देता है.

उपराज्यपाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा हमें हर व्यक्ति में ईश्वर का स्वरूप देखने की सीख देती है. यह परंपरा भाषा, क्षेत्र, जाति और रीति-रिवाज के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती.

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