हाईकोर्ट के आदेश पर पांच बच्चों को HIV संक्रमित ब्लड चढ़ाने वाले आरोपी पर कार्रवाई, इस घटना से मच गया था हड़कंप

Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर पश्चिम सिंहभूम जिले में बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में ब्लड बैंक के निलंबित लैब तकनीशियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. चाईबासा सदर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी तरुण कुमार ने शनिवार को बताया कि पीड़ित बच्चों में शामिल पश्चिम सिंहभूम के हटगमहरिया निवासी एक बच्चे के पिता ने शुक्रवार देर शाम सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के निलंबित लैब तकनीशियन मनोज कुमार के खिलाफ कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई.

लाइलाज बीमारी की चपेट में आ जाता है व्यक्ति

ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस (HIV) से संक्रमित व्यक्ति में प्रतिरक्षा क्षमता क्षीण हो जाती है और व्यक्ति एड्स जैसी लाइलाज बीमारी की चपेट में आ जाता है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम आरोप की जांच कर रहे हैं और मनोज कुमार से पूछताछ कर रहे हैं, जो घटना के समय रक्त बैंक का तकनीशियन था. लेकिन अब निलंबित हैं. हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.

स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

अक्टूबर 2025 में सामने आई इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था. उच्च न्यायालय ने बुधवार को चाईबासा सदर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इससे पहले अदालत की एक खंडपीठ ने झारखंड में पांच बच्चों में HIV संक्रमण के कथित मामलों में रक्त चढ़ाने के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का पालन न किये जाने के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी.

स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को फटकार

मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को फटकार लगाई थी. यह फटकार चाईबासा जिले के पांच बच्चों में रक्त चढ़ाए जाने के बाद उन्हें HIV संक्रमित पाए जाने की खबरों के बाद लगाई गई थी.

प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए दो लाख मुआवजे की घोषणा

ये बच्चे थैलेसीमिया के मरीज थे. चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे, जहां उन्हें रक्त चढ़ाया गया था. झारखंड सरकार ने 26 अक्टूबर को इस घटना के संबंध में पश्चिम सिंहभूम के तत्कालीन सिविल सर्जन और कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. घटना के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी.

इसे भी पढ़ें. India-Malaysia Ties: भारत-मलेशिया रिश्तों को नई मजबूती, डिजिटल पेमेंट से सेमीकंडक्टर तक 6 अहम समझौते

Latest News

राज्यपाल के अभिभाषण को सुने बिना विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध: विपक्ष की भूमिका पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने उठाए सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से प्रारंभ हुआ, जिसमें 11 फरवरी को प्रदेश का बजट प्रस्तुत...

More Articles Like This

Exit mobile version