गाजियाबाद के खोड़ा में शांतिपूर्ण माहौल में हुई जुम्मे की नमाज, चप्पे-चप्पे पर रहा पुलिस का पहरा

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Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित खोड़ा इलाके में सूर्या हत्याकांड के बाद शुक्रवार को जुम्मे की नमाज बेहद शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई. हाल ही में हुए इस हत्याकांड के बाद से माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ था. जुम्मे की नमाज को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं और सोशल मीडिया पर भी लगातार विरोध और अफवाहों का दौर चल रहा था. ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति के बीच में जुम्मे की नमाज बेहद शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुई.

व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ

इस सफल और सुरक्षित आयोजन के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने उत्तर प्रदेश पुलिस, जिला प्रशासन और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की और उनका शुक्रिया अदा किया. सूर्या हत्याकांड के बाद से ही खोड़ा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी परीक्षा थी. नमाज को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस ने कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं. इलाके में लगातार फ्लैग मार्च किए गए और हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्षों के साथ शांति समिति की बैठकें बुलाई गईं.

भारी संख्या में जवान तैनात

शुक्रवार को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए खोड़ा की तंग गलियों और मुख्य चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी (PAC) और रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF) के जवानों को तैनात किया गया था. इसके साथ ही आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही थी. माहौल खराब होने से बचाने के लिए प्रशासन ने कुछ हिंदू संगठन के पदाधिकारियों को एहतियातन नजरबंद भी किया था, ताकि कोई अफवाह या विवाद न फैल सके.

पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम 

मस्जिदों और उसके आस-पास सुरक्षा के इंतजाम इतने पुख्ता थे कि आम नमाजियों के मन में सुरक्षा को लेकर पूरा भरोसा था. भीड़ को नियंत्रित रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने कई मस्जिदों में दो शिफ्टों में नमाज अदा कराने की रणनीति अपनाई. जिले के तमाम बड़े और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद धूप में खड़े होकर लगातार पूरे इलाके का गश्त करते रहे. इस मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि हजारों लोगों ने बिना किसी डर, तनाव या संकोच के नमाज अदा की. नमाज पूरी होने के बाद मस्जिदों से बाहर आए स्थानीय लोगों ने पुलिस के इंतजामों को देखकर राहत की सांस ली.

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