US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और खतरनाक दौर में पहुंच गया है. ट्रम्प की चेतावनी पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ा जवाब दिया. IRGC ने कहा कि यदि संघर्ष जारी रहा तो अमेरिका (9/11) जैसे हमले के लिए तैयार रहे, क्योकि वह ऐसे अभियान चलाएगा जिससे अमेरिका में राष्ट्रीय शोक की स्थिति पैदा होगी. ईरानी संसद के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि यदि ईरान अपना तेल निर्यात नहीं कर पाएगा तो क्षेत्र का कोई भी देश सुरक्षित रूप से तेल नहीं बेच सकेगा.
सभी तेल बेचेंगे या कोई भी नहीं
उन्होंने कहा कि या तो सभी तेल बेचेंगे या कोई भी नहीं. गालिबाफ ने यह भी कहा कि जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी रहेगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित नहीं रहेगा. ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान के पुलों या बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया तो जवाब में पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हितों से जुड़े ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अहम बुनियादी ढांचों पर हमले किए जाएंगे. दोनों देशों की बढ़ती धमकियों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है.
बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी
दोनों देशों ने एक-दूसरे के असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर मिसाइल, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजलीघर को नष्ट कर देगा. सोशल मीडिया पर ट्रम्प ने लिखा कि अब से यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमला करेगा.
संयंत्र पर बमबारी करेगा
चाहे वह मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हो, तो अमेरिका उसके जवाब में ईरान के एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी करेगा. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.
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