New Delhi: अमेरिका सेक्शन 301 का फायदा उठाकर भारत पर टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के बीच बहस चल रही थी. इस दौरान भारत ने खुद पर लगे आरोपों को लेकर सफाई और गवाही दोनों दी, लेकिन अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने इसे नहीं माना और अब साफ कह दिया है कि जल्द ही भारत पर टैरिफ लगाया जाएगा.
भारत समेत 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने सीनेट की वित्त समिति को बताया है कि अमेरिका बंधुआ मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से जुड़े आयात के मुद्दे पर भारत समेत 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ धारा 301 के तहत जल्द ही टैरिफ लगा सकता है. ग्रीर ने कहा है कि अमेरिका ने अपने टॉप 60 व्यापारिक साझेदार देशों की जांच की, क्योंकि वे बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध को अपनाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकाम रहे हैं. इसमें भारत भी शामिल रहा है.
धारा 301 जांच पर अंतिम कार्रवाई की घोषणा
ग्रीर ने कहा कि यूएसटीआर गुरुवार को इस मामले में धारा 301 जांच पर अंतिम कार्रवाई की घोषणा करेगा, जो टैरिफ से जुड़ा हो सकता है. पिछले महीने यूएसटीआर कार्यालय ने इस मुद्दे पर 10 फीसदी और 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया था. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्रवाई पर 1,600 से अधिक टिप्पणियां मिलीं और इस विषय पर सार्वजनिक सुनवाई भी की गई, जिसमें 100 से अधिक गवाहों ने अपने विचार रखे.
जवाबी शुल्क अवैध करार
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यह जांच तब शुरू की थीं जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बीते फरवरी में ट्रंप के इमरजेंसी पॉवर के तहत लगाए गए जवाबी शुल्क को अवैध करार दिया था. इसके बाद प्रशासन ने सभी देशों पर 10 फीसदी शुल्क लागू कर दिया था. इसकी अविध शुक्रवार को समाप्त हो रही है. यही वजह है कि डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ट्रंप प्रशासन नए टैरिफ लगाने पर तैयारी कर रहा है. भारत ने अमेरिकी सरकार की इन जांचों का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसे मुद्दों पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत चर्चा की जा सकती है, जिस पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है.
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