चेन्नई: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि सरकार की विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप देश में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है. चेन्नई में आयोजित 20वें रोजगार मेले के दौरान उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास से जुड़े अवसरों पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने नए सरकारी कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों को राष्ट्र सेवा के अवसर के रूप में देखने का आग्रह भी किया.
स्टार्टअप की संख्या 2.5 लाख के पार
डॉ. मुरुगन ने कहा कि देश में स्टार्टअप की संख्या 2014 में लगभग 400 थी, जो अब बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है. उन्होंने बताया कि स्टार्टअप संस्थापकों में बड़ी संख्या 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की है. उन्होंने मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा ऋण योजना जैसी सरकारी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से युवा रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने वाले भी बन रहे हैं.
युवाओं के लिए नए क्षेत्रों में बढ़ रहे अवसर
मंत्री ने युवाओं के लिए निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और अपने पेशेवर कौशल को नियमित रूप से बेहतर बनाने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं. उन्होंने अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, शासन और सार्वजनिक प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया.
रोजगार मेलों के जरिए 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित
डॉ. मुरुगन ने बताया कि रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं. उन्होंने इसे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर सरकार के जोर के रूप में प्रस्तुत किया. चेन्नई में आयोजित 20वें रोजगार मेले में डॉ. मुरुगन ने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में चयनित 285 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए.
नए सरकारी कर्मचारियों से राष्ट्र सेवा का आह्वान
मंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में शामिल होने वाले युवा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को केवल नौकरी पाने तक सीमित न समझें, बल्कि इसे देश की सेवा और उसके समग्र विकास में योगदान देने के अवसर के रूप में देखें.
उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल नियुक्ति का आदेश नहीं है, बल्कि राष्ट्र की सेवा करने का अवसर भी है. सरकारी कर्मचारी जब नागरिकों से बातचीत करते हैं, तो वे सरकार के प्रतिनिधि और उसका चेहरा होते हैं. डॉ. मुरुगन ने सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी, जवाबदेही, सहानुभूति और जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण को आवश्यक बताया.
तमिलनाडु में नवोदय विद्यालयों को लेकर कही यह बात
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. मुरुगन ने कहा कि तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करेंगे. उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा होगी. साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्न भारतीय भाषाएं सीखने के अवसर भी मिलेंगे.
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