Madurai Illegal Mining: तमिलनाडु के मदुरै जिले में अवैध खनन के आरोपों के बीच भूविज्ञान और खनन विभाग को 11 पत्थर की खदानों के ड्रोन सर्वेक्षण की रिपोर्ट मिल गई है. अब विभाग इन खदानों का विस्तृत जमीनी निरीक्षण करने की तैयारी कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं खनन नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है.
इन खदानों में कल्लिक्कुडी तालुक के कल्लनई गांव में स्थित सात और थिरुमंगलाम तालुक के पोन्नमंगलाम गांव में स्थित चार खदानें शामिल हैं. यह कार्रवाई जिले में चल रहे ड्रोन आधारित खनन मूल्यांकन के तीसरे चरण का हिस्सा है.
58 में से 47 खदानों का ड्रोन सर्वे पूरा
मदुरै जिले में कुल 58 पत्थर खदानें हैं, जिनमें से अब तक 47 खदानों को ड्रोन सर्वेक्षण के दायरे में लाया जा चुका है. ड्रोन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अब अधिकारी जमीनी स्तर पर सत्यापन करेंगे.
इस दौरान भूवैज्ञानिक संरचनाओं का मानचित्रण किया जाएगा, खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी और ड्रोन से मिले डेटा की जमीनी निरीक्षण से तुलना की जाएगी.
नियम उल्लंघन मिला तो होगी कार्रवाई
जांच पूरी होने के बाद विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राजस्व विभाग को सौंपेगा. यदि निरीक्षण में अवैध खनन, अतिक्रमण या निर्धारित सीमा से अधिक खनन जैसे उल्लंघन पाए जाते हैं, तो संबंधित खदान संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा. खनन और पर्यावरण नियमों के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद शुरू हुआ सर्वे
दरअसल, मदुरै जिले के कई गांवों के किसानों और स्थानीय निवासियों ने अवैध खनन को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया था. खासकर कल्लनई गांव के लोगों ने खनन गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया था.स्थानीय लोगों का दावा था कि खनन संचालक कुंदरू नदी प्रणाली से जुड़े प्राकृतिक मार्गों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं.
100 दिन से अधिक चला विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों ने गांव के भीतर 100 दिनों से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस संबंध में कई याचिकाएं जिला कलेक्टर के. जे. प्रवीण कुमार को भी सौंपी गई थीं.
पहले दो चरणों में भी मिले थे उल्लंघन
ड्रोन सर्वेक्षण के पहले चरण में थिरुमंगलाम तालुक की छह खदानों की जांच की गई थी. इनमें से पांच खदानों में खनन नियमों का उल्लंघन पाया गया था, जिसके बाद संचालकों पर जुर्माना लगाया गया.
दूसरे चरण में वाडीपट्टी तालुक के कचैकट्टी गांव और कोंडयम्पट्टी क्षेत्र की पांच खदानों की जांच की गई. यहां सभी खदानों में नियमों का उल्लंघन सामने आया और करीब 15 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया. हालांकि इन जुर्मानों से जुड़ी कानूनी चुनौतियां और अपीलें अभी अदालत में विचाराधीन हैं.
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