Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 1,000 लोग अभी लापता हैं. प्राकृतिक आपदा के बाद भारत नेपाल का बढ़ चढ़कर मदद कर रहा है. इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को एक पत्र लिखा है.
खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
पीएम मोदी को पत्र में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वो नेपाल में आई भीषण बाढ़ से बहुत चिंतित हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 1,000 लोग अभी भी लापता हैं. हजारों लोग भोजन, दवा, आश्रय और अन्य जरूरी मदद के लिए परेशान हैं. उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया कि नेपाल सरकार के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों को पर्याप्त मानवीय और राहत सहायता सुनिश्चित की जाए.
Congress President Shri @kharge writes to Prime Minister Shri Narendra Modi, urging immediate humanitarian and relief assistance for flood-affected Nepal.
He also calls for urgent rescue and evacuation efforts to ensure the safe return of stranded and uncontactable Indian… pic.twitter.com/CK3taOvdcF
— Congress (@INCIndia) August 29, 2026
कई भारतीय नागरिक फंसे हैं Nepal Flood
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बाढ़ के कारण नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में कई भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि बचाव और निकासी के प्रयासों को तेज किया जाए और उनकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं.
320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क में नहीं हैं
खड़गे ने बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क में नहीं हैं, जिनका पता नहीं चल पा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस कठिन समय में हर संभव मदद के लिए तुरंत कदम उठाएगी. अमित शाह को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि नेपाल में बाढ़ से गंभीर प्राकृतिक आपदा आई है. जान का नुकसान, घरों और बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विनाश और अनगिनत लोगों के विस्थापन ने प्रभावित समुदायों को बहुत परेशानी में डाल दिया है.
नेपाल के लोगों के साथ गहरा और स्थायी रिश्ता है
कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा कि भारत के लोगों का नेपाल के लोगों के साथ गहरा और स्थायी रिश्ता है. दुख की इस घड़ी में भारत को मजबूती से अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा होना चाहिए और इस तबाही से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देनी चाहिए. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय और आपदा-राहत सहायता देने पर विचार किया जाए. खास तौर पर, नेपाल सरकार के साथ समन्वय में जहां भी जरूरत हो, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात करने पर विचार किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, निकासी और राहत कार्यों में मदद मिल सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय इस मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से देखेगा और बाढ़ प्रभावित नेपाल के लोगों तक भारत की सहायता पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा.