Maruti Suzuki CSR Initiative: लखनऊ के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में शुरू हुई स्मार्ट फैक्ट्री लैब, छात्रों को मिलेगी हाईटेक ट्रेनिंग

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Maruti Suzuki Smart Factory Lab: देश में तेजी से बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए अब शिक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है. खासतौर पर तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक औद्योगिक वातावरण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. इसी दिशा में देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने एक महत्वपूर्ण पहल की है.

कंपनी ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक अत्याधुनिक स्मार्ट फैक्ट्री लैब स्थापित करने की घोषणा की है. इस पहल का उद्देश्य डिप्लोमा छात्रों को एडवांस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ना और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, ताकि वे भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें.

पहले साल लगभग 400 छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह स्मार्ट फैक्ट्री लैब अपने पहले वर्ष में करीब 400 छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करेगी. इस सुविधा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्रों को आधुनिक उत्पादन प्रणालियों का व्यावहारिक अनुभव मिल सके. इससे छात्रों की अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिलेगी.

नई तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक अनुभव

कंपनी ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि यह अत्याधुनिक लैब छात्रों को कई उन्नत और उद्योग से जुड़ी तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी. इसमें स्वचालन (Automation), उद्योग 4.0, औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIOT), न्यूमेटिक्स, ऊर्जा मापन और गति नियंत्रण प्रणालियों जैसी तकनीकें शामिल हैं. इन तकनीकों के जरिए छात्रों को न केवल आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को समझने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें उद्योगों में उपयोग होने वाली तकनीकों के साथ काम करने का अनुभव भी मिलेगा.

रियल वर्ल्ड मैन्युफैक्चरिंग मॉडल पर आधारित होगी लैब

कंपनी ने बताया कि इन लैब्स को वास्तविक मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. इसका उद्देश्य डिप्लोमा छात्रों के बीच तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करना है. कंपनी का कहना है कि यह पहल छात्रों के अंदर उद्योगों के अनुरूप सोच विकसित करने, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने और तकनीकी कौशल को मजबूत करने में मदद करेगी. इससे छात्र भविष्य के लिए तैयार पेशेवर बन सकेंगे और देश के कौशल आधारित कार्यबल को मजबूत करने में योगदान दे पाएंगे.

राहुल भारती ने कही यह बात

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती ने कहा, “सुविधाओं को स्मार्ट फैक्ट्री लैब में अपग्रेड करके, हम सरकार के स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार पेशेवर तैयार कर रहे हैं. ये लैब मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की बदलती जरूरतों को पूरा करने, कौशल अंतर को कम करने और छात्रों में उद्योग-विशिष्ट उपकरणों के उपयोग में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर प्रदान करेंगी.” उन्होंने आगे कहा, “सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं को अपग्रेड करने के साथ-साथ, मारुति सुजुकी ने जापान और भारत की सरकारों के बीच सहयोग से चार जापान-भारत विनिर्माण संस्थान (जेआईएम) भी स्थापित किए हैं.”

18 आईटीआई में भी स्थापित की गई हैं एडवांस लैब्स

मारुति सुजुकी ने केवल पॉलिटेक्निक संस्थानों तक ही अपनी पहल को सीमित नहीं रखा है. कंपनी ने ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उद्योग-विशिष्ट व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए देशभर के 18 आईटीआई संस्थानों में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब (AML) भी स्थापित की हैं. कंपनी का मानना है कि इस तरह की पहल तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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