केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 25 जून को घोषित किया ‘संविधान हत्या दिवस’, इसी दिन लगा था आपातकाल

Abhinav Tripathi
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Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Samvidhan Hatya Divas: केंद्र की एनडीए सरकार ने आज एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किया है. इस संबंध में केंद्र सरकार की ओऱ से आज एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है. बता दें कि 50 साल पहले 1975 को इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी. ये आपातकाल 21 महीनों के लिए लगाया गया था.

जानकारी दें कि 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ घोषित करने की जानकारी खुद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपनी तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था. लाखों लोगों को अकारण जेल में डाल दिया गया और मीडिया की आवाज को दबा दिया गया. भारत सरकार ने हर साल 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय किया है। यह दिन उन सभी लोगों के विराट योगदान का स्मरण करायेगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को झेला था.”

एक अन्य ट्वीट में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उन लाखों लोगों के संघर्ष का सम्मान करना है, जिन्होंने तानाशाही सरकार की असंख्य यातनाओं व उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए संघर्ष किया. ‘संविधान हत्या दिवस’ हर भारतीय के अंदर लोकतंत्र की रक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की अमर ज्योति को जीवित रखने का काम करेगा, ताकि कांग्रेस जैसी कोई भी तानाशाही मानसिकता भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न कर पाए.”

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