Monsoon Update India: आसमान से बरस रही आफत ने पूरे देश में तबाही मचा दी है. कहीं शहर समंदर बन गए हैं, कहीं पुल ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं, तो कहीं बाढ़ का सैलाब हजारों परिवारों की जिंदगी उजाड़ रहा है. दिल्ली, गुजरात, असम और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मानसून ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है. अलग-अलग राज्यों से सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 118 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग इस आपदा से प्रभावित हैं. इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए 18 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात का हाई अलर्ट जारी किया है.
दिल्ली में कुछ मिनटों की बारिश ने खोल दी तैयारियों की पोल
देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में बारिश की शुरुआत होते ही स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल गई. महज कुछ ही मिनटों की मूसलाधार बारिश के बाद राजधानी का व्यस्त सदर बाजार इलाका पानी में डूब गया. कई जगहों पर कमर तक जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जलभराव के कारण छोटे-छोटे स्कूली बच्चे पानी के बीच होकर स्कूल जाने को मजबूर दिखाई दिए. शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई. आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ समय तक बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है.
उत्तराखंड में तेज बहाव से टूटा पांवटा साहिब हाईवे का पुल
देवभूमि उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच देहरादून-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर बने नए पुल का बड़ा हिस्सा तेज बहाव में ढह गया. पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है. बारिश और आईएमडी की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 28 जुलाई को देहरादून जिले के पहली से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है.
असम में बाढ़ से बिगड़े हालात, लाखों लोग प्रभावित
पूर्वोत्तर के राज्य असम में लगातार बारिश और नागालैंड के ऊपरी इलाकों में बादल फटने के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. राज्य के 12 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं. इस त्रासदी में अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. राजधानी गुवाहाटी में कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे बैंकिंग सेवाएं और एटीएम संचालन भी प्रभावित हुआ है. राहत एवं बचाव टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं.
गुजरात में बारिश ने तोड़ा 20 साल का रिकॉर्ड
पश्चिम भारत के गुजरात में भी मानसून ने कहर बरपा रखा है. अहमदाबाद समेत दक्षिण और मध्य गुजरात के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. लगातार बारिश और बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. राज्य में बारिश और बाढ़ जनित हादसों में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और कोस्ट गार्ड की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.
अब तक 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. अहमदाबाद के कई प्रमुख अंडरब्रिज बंद कर दिए गए हैं और कई इलाकों में यातायात प्रभावित है. मौसम विभाग ने सौराष्ट्र और उत्तरी गुजरात के लिए अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील बताए हैं.
18 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों में न जाने, नदी-नालों के किनारे सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है.
राहत और बचाव अभियान लगातार जारी
देश के विभिन्न राज्यों में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन मानसून की गतिविधियां और तेज रह सकती हैं. ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
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