Weather Today: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार भले ही पहले के मुकाबले कुछ धीमी नजर आ रही हो, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है. मौसम विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत देश के 16 राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में तेज बौछारों के साथ आंधी चलने की संभावना है और कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.
IMD के अलर्ट को देखते हुए खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बन सकता है. वहीं, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
इन 16 राज्यों में बारिश का अलर्ट
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 सितंबर को दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश होने की संभावना है. इनमें कई स्थानों पर मौसम अचानक बदल सकता है. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के साथ आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है. तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए लोगों को मौसम खराब होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
दिल्ली-NCR में आंधी के साथ बारिश
राजधानी दिल्ली और NCR में भी 18 सितंबर को मौसम का मिजाज बदल सकता है. दिल्ली में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश और तेज हवाओं के कारण राजधानी के कुछ हिस्सों में मौसम सुहाना होने के साथ-साथ यातायात पर भी असर पड़ सकता है.
बिहार और यूपी में भी बदलेगा मौसम
बिहार के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. पटना, गया, भोजपुर, मधुबनी, बक्सर, दरभंगा, अररिया, भागलपुर, वैशाली, सिवान, सुपौल, पूर्णिया, मुंगेर और बेगूसराय में भारी बारिश और तेज हवा की संभावना जताई गई है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, झांसी, इटावा और रायबरेली में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
राजस्थान से झारखंड तक तेज हवाओं का असर
राजस्थान के कई जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, जयपुर, अलवर, बारां, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर और बूंदी में भारी बारिश का अलर्ट है. इन इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज आंधी का खतरा बना हुआ है. पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब होने पर भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है. झारखंड में भी कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर और हजारीबाग समेत कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तूफानी हवाएं चलने की संभावना है.
महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश की संभावना
महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खासकर खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने की जरूरत है. पश्चिम बंगाल में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. कोलकाता, हावड़ा, कूचबिहार, जलपाइगुड़ी समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अनुमान है. वहीं तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए समुद्र में जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
आंधी और बिजली चमकने के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से भी बचना चाहिए. खासकर आकाशीय बिजली के समय पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय किसी सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहना ज्यादा जरूरी है.
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