Washington: अमेरिकी लॉ मेकर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बड़ी मांगें की हैं. लॉ मेकर्स चाहते हैं कि ट्रंप चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई सुनिश्चित करें और चीन को एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स तक पहुंच से रोकें. दरअसल, ट्रंप अगले हफ्ते चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक करने जा रहे हैं. इसके लिए वह चीन पहुंचेंगे. यह मांग ऐसे समय में आई है जब सीनेटर रो खन्ना ने अमेरिका-चीन एआई सुरक्षा समझौते पर सुनवाई का ऐलान किया है.
दोनों नेताओं की व्हाइट हाउस में बैठक
उनके दफ्तर ने बताया कि 23 सितंबर को होने वाली यह सुनवाई दोनों नेताओं की व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले होगी. 17 सितंबर को सीनेटर एडवर्ड मार्की और टेड बड ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें उन्होंने चीन पर अमेरिकी शिक्षाविदों को बार-बार गलत तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाया. सीनेटर जॉन कर्टिस और एडम शिफ भी इस प्रस्ताव में शामिल हुए.
सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता देने की मांग
हाउस में प्रतिनिधि स्टीफन लिंच और जॉन मूलनार ने इसी तरह का प्रस्ताव पेश किया. सीनेटर्स ने मैसाचुसेट्स के शिक्षाविद यूलिन चेन और अमेरिकी स्कॉलर मिन ज़िन की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता देने की मांग की. स्टीफन लिंच ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को शी जिनपिंग के साथ अपनी आगामी बैठक में यह मांग करनी चाहिए कि चीन हर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए गए अमेरिकी को रिहा करे. सीनेट के प्रस्ताव में विदेश मंत्री से उनकी रिहाई के लिए बातचीत करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया गया है.
लेवल 2 से बढ़ाकर लेवल 3 करने की भी मांग
इसमें चीन के लिए ट्रैवल एडवाइजरी को लेवल 2 से बढ़ाकर लेवल 3 करने की भी मांग की गई है, जिसका मतलब है कि अमेरिकियों को चीन यात्रा पर फिर से विचार करना चाहिए. प्रस्ताव में ट्रैवल एडवाइजरी में गलत हिरासत के संकेतक पर विचार करने और किसी देश को गलत हिरासत का प्रायोजक घोषित करने के मानदंडों की समीक्षा करने का भी प्रस्ताव है. अलग से सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप से चीन की सबसे एडवांस एआई चिप्स और मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों तक पहुंच को रोकने का आग्रह किया।
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