Melbourne: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में टोयोटा कोरोला कार एक तेज रफ्तार पोर्श कार से टकरा गई. इस भीषण सड़क हादसे में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान 67 वर्षीय रमा देवी और उनकी 33 वर्षीय बहू नेहा बोम्मली के रूप में की गई है, जबकि जीटी प्रसाद हादसे में बच गए. रमा देवी अपने पति जीटी प्रसाद के साथ ऑस्ट्रेलिया गई थीं.
टकराने की एक ज़ोरदार आवाज़ सुनी
प्रसाद विशाखापत्तनम जिला क्रिकेट संघ (VDCA) के पूर्व संयुक्त सचिव हैं. वे अपने परिवार से मिलने, पोते-पोतियों के साथ समय बिताने और एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए वहां गई थीं. एक चश्मदीद ने बताया कि मैंने टकराने की एक ज़ोरदार आवाज़ सुनी और तुरंत बाहर भागा तो देखा कि एक पोर्श कार नारंगी रंग की टोयोटा कोरोला से टकरा रही थी. चश्मदीद ने आगे कहा कि जैसे ही मैंने देखा, पोर्श का ड्राइवर बाहर निकला और पीठ के बल लेट गया। मैंने एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस को फोन किया.
दुखों का पहाड़ टूट पड़ा
हादसे के बाद मृतका नेहा के पति और रमा देवी के बेटे वरुण चंद्र गुन्ना पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उन्होंने अपने साढ़े तीन साल के बेटे हारव और एक साल की बेटी विवानवी की परवरिश और बुजुर्ग पिता की देखभाल के लिए समुदाय से सहयोग मांगा है. वरुण ने पार्थिव शरीरों को भारत लाने, कागजी औपचारिकताओं और बच्चों के भविष्य के लिए एक GoFundMe कैंपेन शुरू किया है. उन्होंने लिखा कि एक ही पल में मेरी पूरी दुनिया बिखर गई. मैंने अपनी जिंदगी के प्यार और अपनी मां को एक साथ खो दिया.
नेहा को अपने घर की रोशनी और ऊर्जा बताया
अपनी पोस्ट में वरुण ने कहा कि 16 सितंबर, 2026 को एक दुखद पल में मैंने अपनी ज़िंदगी के प्यार और अपनी मां को खो दिया. उन्होंने आगे कहा कि उनके 75 वर्षीय पिता ने अपनी जीवनसंगिनी को खो दिया और उनके दो बच्चों ने अपनी मां और दादी को खो दिया. वरुण ने 33 वर्षीय नेहा को अपने घर की रोशनी और ऊर्जा बताया. उन्होंने कहा कि वह दयालु और जीवंत थीं, उन्हें डांस का शौक था और हाल ही में उन्होंने समुदाय के साथ अपनी बेटी विवानवी का पहला जन्मदिन मनाया था.
शवों को भारत वापस लाने का खर्च
उनकी GoFundMe पोस्ट के अनुसार, इस फंड से नेहा और रमा देवी के शवों को भारत वापस लाने का खर्च उठाया जाएगा, ताकि परिवार अपने प्रियजनों के बीच हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कर सके.
इसे भी पढ़ें. देश के बहुचर्चित निठारी कांड में बरी हुए सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, फांसी के फंदे से लटका मिला शव