मुस्लिम महिला जेलर ने हिंदू कैदी से रचाई शादी! जानें क्या है मध्य प्रदेश की चर्चित यह प्रेम कहानी..?

Must Read

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में एक अनोखी और चर्चित प्रेम कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. सतना केंद्रीय जेल से शुरू हुई यह कहानी अब विवाह के बंधन तक पहुंच गई है. केंद्रीय जेल में तैनात सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खान और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह उर्फ अभिलाष ने 5 मई को हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली. जेल की चारदीवारी के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने वाली इस अधिकारी ने साबित कर दिया कि मोहब्बत और इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता है.

आजीवन कारावास की सजा काट रहा था अभिलाष

केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने चंदला के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह (अभिलाष) से प्रेम विवाह कर लिया, जो पूर्व में एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. बीते 5 मई 2026 को लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस में हिन्दू रीति-रिवाज से शादी सम्पन्न हुई. हालांकि मुस्लिम अधिकारी के परिजन इस शादी से नाराज थे.

4 साल पहले ड्यूटी के दौरान हुई से हुई थी मुलाकात 

फिरोजा खातून की मुलाकात 4 साल पहले ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र से हुई से हुई थी. फिरोजा सतना जेल में पदस्थापना के दौरान वारंट इंचार्ज का काम संभाल रहीं थीं. उस दौरान 2007 के चर्चित हत्याकांड में धर्मेंद्र भी उम्र कैद की सजा काट रहा था. दोनों में बातचीत शुरू होती है. दोस्ती होती है फिर दोनों का लव अफेयर शुरू हो जाता है. 4 साल पहले धर्मेंद्र जेल से रिहा हो गया था. दोनों ने 4 साल बाद शादी करने का फैसला किया. लेकिन फिरोजा का परिवार नहीं माना और बीते 5 मई 2026 को छतरपुर के लवकुश नगर में दोनों ने शादी कर ली.

कार्यकर्ताओं ने ही फिरोजा का किया कन्या दान

जिसके बाद ये शादी छतरपुर और सतना में चर्चा का विषय बन गई है. फिरोजा के परिवार से जब कोई नहीं आया तो विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने ही फिरोजा का कन्या दान किया. सतना विश्वहिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने कन्या दान किया. शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया. कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी. मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है.

4 सालों से जेल से बाहर था धर्मेंद्र 

चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह ने साल 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन पर दफना दिया था. इस चर्चित हत्या के मामले में धर्मेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. करीब 14 साल तक जेल काटने के बाद जेल प्रबंधन ने अच्छे आचरण को देखते हुए जेल से रिहा कर दिया था. बीते करीब 4 सालों से धर्मेंद्र जेल से बाहर था. छतरपुर जिले के लवकुश नगर में 5 मई 2026 को आयोजित हुई ये शादी चर्चा का विषय रही.

सतना के रहने वाले हैं ज्यादातर रिश्तेदार

चंदला के स्थानीय निवासी अजय द्विवेदी बताते हैं मेरी उम्र 37 वर्ष है. धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष मेरे साथ चंदला के स्कूल में ही पढ़ता था. वह चंदला के बस्ती यानी वार्ड 13 में रहते थे. हालांकि, अभिलाष के ज्यादातर रिश्तेदार सतना के रहने वाले हैं. वह चाल चरित्र का अच्छा था. साल 2007 में जो चंदला नगर परिषद उपाध्यक्ष की हत्या हुई थी, उसमें इसे फंसाया गया था. ये सिर्फ मैं नहीं चंदला के सभी लोग बताते हैं.

इसे भी पढ़ें. Kanpur Crime: 1600 करोड़ के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड महफूज अरेस्ट, छिपा था इस नेता की पनाह में

Latest News

देश में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की उपेक्षा करना उचित नहीं: डॉ दिनेश शर्मा

लखनऊ/पुणे: राज्य सभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि देश में क्षेत्रीय भाषाओं की...

More Articles Like This