Nalasopara Railway Station: रेलवे स्टेशन पर सफर के दौरान चाय पीना आम बात है, लेकिन मुंबई से सटे नालासोपारा रेलवे स्टेशन से सामने आए एक कथित वीडियो ने यात्रियों को हैरान कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक चाय विक्रेता कथित तौर पर बारिश के जमा गंदे और बदबूदार पानी में चाय की केतलियां धोता दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद स्वच्छता और यात्रियों की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
मामला नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है. वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है और स्थानीय लोग संबंधित विक्रेता के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
प्लेटफॉर्म नंबर 4 के पास का बताया जा रहा मामला
जानकारी के मुताबिक, घटना नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने स्थित इलाके की बताई जा रही है. बारिश के कारण वहां सड़क और गड्ढों में गंदा पानी जमा था. आरोप है कि चाय विक्रेता ने इसी जमा पानी में चाय की केतलियां साफ कीं. मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने इस तरीके पर नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी.
यात्रियों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता
नालासोपारा स्टेशन मुंबई उपनगरीय रेलवे के व्यस्त स्टेशनों में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं. स्टेशन और आसपास के इलाकों में कई यात्री चाय समेत दूसरे खाद्य और पेय पदार्थ खरीदते हैं. ऐसे में खाद्य सामग्री से जुड़े बर्तनों को कथित तौर पर दूषित पानी में धोने का मामला सामने आने के बाद यात्रियों की चिंता बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि अगर वायरल वीडियो में दिख रहा दावा सही पाया जाता है, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से गंभीर लापरवाही है.
जांच और कार्रवाई की उठी मांग
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि संबंधित विक्रेता की पहचान कर तथ्यों की जांच होनी चाहिए और आरोप सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके साथ ही स्टेशन परिसर और आसपास खाद्य तथा पेय पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं की स्वच्छता व्यवस्था की जांच कराने की मांग भी उठ रही है, ताकि यात्रियों को साफ और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके.
वायरल वीडियो की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं
फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. यह भी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और इसमें दिख रहा विक्रेता किसके अधिकार क्षेत्र में काम कर रहा था. मामले में संबंधित रेलवे प्रशासन की ओर से भी अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसके बावजूद वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य सुरक्षा तथा स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग कर रहे हैं.
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