नाना पाटेकर: कैसे विश्वनाथ से ‘नाना’ बने अभिनेता, एक शो के मिलते थे 50 रुपये, मात्र 750 रुपये में की थी शादी

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nana Patekar Death: अपने शानदार अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन से उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. 75 साल की उम्र में अभिनेता ने अचानक ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया. नाना पाटेकर इन दिनों गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में थे, जहां अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उन्होंने गुरुवार 8 अक्टूबर 2026 की सुबह 5:20 पर गोवा के मणिपाल अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली. मामला मेडिको-लीगल केस होने के कारण आज पोस्टमार्टम किया जाएगा.

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कैसे विश्वनाथ से से बने नाना

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में रहने वाल एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में नाना पाटेकर का जन्म हुआ था. नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है. बचपन में उनकी छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ कहकर बुलाती थी और बाद में यही नाम उनकी पहचान बन गया. उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड पर भी ‘नाना पाटेकर’ ही दर्ज है.

750 रुपये में हुई थी शादी 
वर्ष 1978 में उन्होंने थिएटर कलाकार नीलकांती पाटेकर से शादी की थी. उस समय उनकी शादी का कुल खर्च सिर्फ 750 रुपये आया था. शादी के शुरुआती दिनों में नीलकांती एक बैंक में अधिकारी थीं और उनकी सैलरी 2500 रुपये महीना हुआ करती थी, जबकि नाना को तब एक शो के लिए मात्र 50 रुपये मिलते थे.

सेना से गहरा लगाव, ‘प्रहार‘ फिल्म की ट्रेनिंग

वर्ष 1991 में आई अपनी फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन करने और उसमें फौजी का किरदार निभाने के लिए नाना पाटेकर ने भारतीय सेना के साथ कड़ा सैन्य प्रशिक्षण (Army Training) लिया था. वे असल जिंदगी में भी सेना और जवानों का बहुत सम्मान करते थे.

बड़े बेटे के जाने का था गम

नाना पाटेकर के बड़े बेटे का बचपन में ही निधन हो गया था, जिससे वे अंदर तक टूट गए थे. बाद में उनके छोटे बेटे मल्हार पाटेकर के जन्म से उनके जीवन में दोबारा खुशियां आईं. मल्हार ने अभिनय के बजाय फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र को चुना है.

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