Bengal CM: शुभेंदु अधिकारी बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. कोलकाता का परेड ब्रिगेड मैदान आज उनके शपथ ग्रहण का साक्षी बना. खास बात यह है कि उनको बंगाल में बीजेपी का पहला सीएम होने का सौभाग्य मिला है. मतलब साफ है कि बंगाल में दीदी की नहीं बल्कि दादा की सरकार चलेगी. शुभेंदु अधिकारी बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर की रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं.
भाई ने भी कुछ ही महीने पहले की है शादी
पिता कांग्रेस से सांसद रहे, भाई टीएमसी से सांसद रहे. खुद टीएमसी में मंत्री रहे. इतना भरापूरा परिवार. अब वह खुद मुख्यमंत्री बन गए हैं. उनके भाई सौमेंदु ने भी कुछ ही महीने पहले शादी की है. नए सीएम की नीजी जिंदगी की बात करें तो ममता बनर्जी की तरह ही शादी नहीं की है. अब सवाल यह है कि इतने सक्सेसफुल होने के बाद भी आखिर शुभेंदु ने शादी क्यों नहीं की. 2021 के चुनाव के दौरान एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने ये बात खुद बताई थी.
अविवाहित रहने का सबसे अच्छा पहलू
2021 की एक इंटरव्यू में सुवेंदु अधिकारी ने कहा- “मैं अविवाहित हूं और अविवाहित रहने का सबसे अच्छा पहलू यह है कि मेरे पास काम के लिए बहुत समय होता है और कोई निजी ज़िम्मेदारियां नहीं होतीं.” उन्होंने अपने इस निजी फ़ैसले को राजनीति के प्रति अपनी पुरानी प्रतिबद्धता से भी जोड़ा और बताया कि उन्होंने 1987 में NSUI के साथ छात्र राजनीति में कदम रखा था और तब से वे सार्वजनिक जीवन के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे हैं.
जनसेवा के कार्यों से ली प्रेरणा
अपने प्रेरणास्रोतों के बारे में बात करते हुए उन्होंने सतीश सामंत, सुशील धारा और अजय मुखर्जी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का ज़िक्र किया और कहा कि उन्होंने उनकी आत्मकथाएं पढ़ी हैं और उनके जनसेवा के कार्यों से प्रेरणा ली है. उन्होंने आगे कहा- “वे तीनों ही अविवाहित रहे और मैंने भी उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलते हुए अविवाहित रहने का फ़ैसला किया है.”
माता-पिता की देखभाल करना ज़िम्मेदारी
अधिकारी ने आगे बताया था कि उनके माता-पिता का स्वास्थ्य अच्छा है और उनकी देखभाल करना उनकी ही ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा- “परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश करना, दूसरों के ज़रिए अपने राजनीतिक हितों को साधना या किसी और के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करना ये सब इसके नुकसान हैं. इसीलिए मुझे लगता है कि मैं जो कर रहा हूं वह बिल्कुल सही है.”
तीन और बंगाल के मुख्यमंत्री अविवाहित
सुवेंदु या ममता ही ऐसे नहीं हैं, जो बंगाल के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं और अविवाहित हैं. उनसे पहले तीन और बंगाल के मुख्यमंत्री अविवाहित ही थे. जिसमें से बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय जीवन भर अविवाहित रहे.
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