Shaheed Diwas: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शहीद दिवस’ पर महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को नमन किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगा.
पीएम मोदी ने किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज हम भारत माता के वीर सपूत भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धा के साथ नमन करते हैं राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगा. अल्पायु में ही, उन्होंने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट निष्ठा का प्रदर्शन किया. औपनिवेशिक शासन की ताकत से तनिक भी विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने प्राणों से भी ऊपर रखा.” उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “न्याय, देशभक्ति और निर्भीक प्रतिरोध के उनके आदर्श आज भी असंख्य भारतीयों के हृदय में प्रेरणा की ज्योति प्रज्वलित करते हैं.”
Today, we bow in reverence to the brave sons of Bharat Mata, Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev. Their martyrdom for the nation remains etched in our collective memory.
At a young age, they displayed extraordinary courage and an unshakable commitment to the cause of India’s… pic.twitter.com/ZrTxC8PoTI
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
एक वीडियो संदेश भी शेयर किया Shaheed Diwas
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो संदेश भी शेयर किया. इसमें उन्होंने कहा, “आज इतने वर्षों बाद भी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान की गाथा देश के बच्चे-बच्चे की जुबान पर है. हम सबको इन वीरों की गाथाएं देश के लिए दिन रात मेहनत करने के लिए प्रेरित करती हैं.”
देश के तीन नायकों को अंग्रेजों ने दी थी फांसी
पीएम मोदी ने कहा, “श्रीमद्भागवत गीता में भी कहा गया है कि ‘नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः’. यानी शस्त्र जिसे काट सकते हैं, न अग्नि जिसे जला सकती है, देश के लिए बलिदान देने वाले ऐसे ही होते हैं. उन्हें अमृत प्राप्त होता है. वे प्रेरणा के पुष्प बनकर पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी सुगंध बिखेरते रहते हैं. देश आज आजादी के लिए योगदान देने वाले नायक-नायिकाओं को नमन कर रहा है.” हर साल 23 मार्च को भारत के तीन असाधारण क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करने के लिए ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. 23 मार्च को, देश के तीन नायकों को अंग्रेजों की ओर से फांसी दे दी गई थी.

