झारखंड के आईआईटी (आईएसएम), धनबाद में रूफटॉप सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन विकास भारती के सचिव पद्मश्री अशोक भगत ने किया. इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही संस्थान ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ाया है. अब कैंपस की बिजली जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा, जिससे न सिर्फ खर्च में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी.
1.5 मेगावाट क्षमता का आधुनिक सोलर प्लांट
संस्थान में स्थापित यह ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगभग 1.5 मेगावाट (1500 किलोवॉट) क्षमता का है. यह प्लांट सबस्टेशन-4, हेल्थ सेंटर के सामने स्थापित किया गया है. इसके शुरू होने से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद अब अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक सौर ऊर्जा पर निर्भर हो सकेगा. यह पहल न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है, बल्कि संस्थान के लिए दीर्घकालिक आर्थिक बचत का भी माध्यम बनेगी.
पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, इंस्टालेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग सहित पूरी प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया है. इस सोलर प्लांट के जरिए कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं न केवल ऊर्जा बचत में सहायक होती हैं, बल्कि छात्रों को भी ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सीखने का अवसर प्रदान करती हैं.
कार्यक्रम में मौजूद रहे गणमान्य लोग
इस अवसर पर आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, एनआईटी दुर्गापुर के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे, संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर, डीन सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

