ISRO EOS-05 Mission: भारतीय स्पेस एजेंसी ने फिर से अंतरिक्ष में एक नया इतिहास रच दिया है. इसरो ने आज सुबह 2:55 बजे एसएचएआर के दूसरे लॉन्च पैड से EOS-05 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. ISRO की इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है.
PM Modi ने जताई खुशी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इसरो की एक और शानदार उपलब्धि और हमारे देश के लिए गर्व का पल. भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च, भारत के स्पेस सेक्टर की उत्कृष्टता, इनोवेशन और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है. इसरो और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ती साझेदारी हमारे स्पेस प्रोग्राम को नई ताकत और विस्तार दे रही है, साथ ही पूरे स्पेस इकोसिस्टम में भारत की क्षमताओं को बढ़ा रही है.”
Mission Success!
GSLV-F17 has successfully accomplished its mission, placing EOS-05 into the intended orbit.
Sharing a few memorable moments from the lift-off.
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— ISRO (@isro) September 3, 2026
वी. नारायणन ने किया संबोधित ISRO EOS-05 Mission
लॉन्चिंग के बाद ISRO प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ईओएस-05 (जियो इमेजिंग सैटेलाइट) को सफलतापूर्वक और सटीक रूप से उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है. यह श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च और जीएसएलवी का 19वां मिशन है.”
#WATCH | Sriharikota, Andhra Pradesh: ISRO’s GSLV-F17/EOS-05 mission has been successfully accomplished. The satellite has been successfully placed into the intended orbit (Sub-Geosynchronous Transfer Orbit).
(Source: ISRO) pic.twitter.com/U9uS5i8ppM
— ANI (@ANI) September 3, 2026
सबसे भारी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया है
उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, जीएसएलवी का पहला प्रक्षेपण जीएसएलवी-डी1 था, जिसमें 1,536 किलोग्राम का पेलोड ले जाया गया था. तब से हमने इसके स्ट्रक्चरल मास को ऑप्टिमाइज़ करके और प्रोपल्शन सिस्टम में सुधार करके इस व्हीकल की परफॉर्मेंस को धीरे-धीरे बेहतर बनाया है. आज, हमने इसी लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करके 2,367 किलोग्राम वज़न वाले सबसे भारी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया है.”
इसे पूरी तरह से भारत सरकार स्थापित करेगी
ISRO प्रमुख ने कहा, “इसे पूरी तरह से भारत सरकार स्थापित करेगी। हम लॉन्च पैड बनाएंगे, सब कुछ भारत सरकार ही बनाएगी. लेकिन अब इसे ऑपरेट करना है. इसे ऑपरेट करने के दो तरीके हैं. आप बहुत सारे स्थायी कर्मचारी रख सकते हैं और उन्हें इसे ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. दूसरा विकल्प यह है कि हम इसे प्राइवेट प्लेयर्स को सौंप दें और वे इसे ऑपरेट करें.”