PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देश में तेजी से बढ़ती सौर ऊर्जा क्रांति पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभाव, इसके फायदे और इससे पैदा हो रहे रोजगार के अवसरों पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा, आज देश के छोटे-बड़े शहरों में एक बड़ा बदलाव साफ तौर पर देखा जा सकता है. अब बड़ी संख्या में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे दिखाई देते हैं, जबकि कुछ साल पहले तक यह दृश्य बहुत कम देखने को मिलता था. उन्होंने बताया कि यह बदलाव ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के कारण संभव हुआ है, जिसका असर अब देश के कोने-कोने में दिख रहा है.
सोलर से बदली पायल मुंजपारा की जिंदगी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले की पायल मुंजपारा का उदाहरण दिया, जिनकी जिंदगी इस योजना से पूरी तरह बदल गई. उन्होंने सूर्य पहल के तहत सौर ऊर्जा टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग ली और चार महीने का सोलर पीवी टेक्निशियन कोर्स पूरा किया.
अब वह एक कुशल सोलर टेक्निशियन बन चुकी हैं और एक सोलर उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं. पायल आसपास के जिलों में सोलर पैनल लगाने का काम करती हैं और इससे उन्हें हर महीने अच्छी आय हो रही है. यह उदाहरण दिखाता है कि यह योजना केवल बिजली ही नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है.
मेरठ और जयपुर के उदाहरणों से समझाया फायदा
प्रधानमंत्री ने कहा, मेरठ के अरुण कुमार भी अब अपने इलाके में ऊर्जा दाता बन गए हैं. हाल ही में दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए थे. उन्होंने बताया कि वे न केवल बिजली बिल में बचत कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी कमा रहे हैं.
इसी तरह जयपुर के मुरलीधर जी का उदाहरण भी सामने आया. पहले उनकी खेती डीजल पंप पर निर्भर थी, जिससे हर साल हजारों रुपये खर्च होते थे. लेकिन सोलर पंप अपनाने के बाद उनकी खेती का तरीका पूरी तरह बदल गया. अब उन्हें ईंधन की चिंता नहीं रहती, सिंचाई समय पर होती है और उनकी सालाना आय में भी बढ़ोतरी हुई है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा के साथ बेहतर जीवन जी रहा है.
नॉर्थ ईस्ट में भी दिख रहा योजना का असर
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ देश के पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेजी से पहुंच रहा है. त्रिपुरा में रियांग जनजाति के कई ऐसे गांव थे, जहां पहले बिजली की बड़ी समस्या थी. अब सोलर मिनी ग्रिड के माध्यम से वहां के घरों में लगातार रोशनी रहती है. इस बदलाव से बच्चों को पढ़ाई में मदद मिल रही है, लोग मोबाइल चार्ज कर पा रहे हैं और गांवों का सामाजिक जीवन भी पहले से बेहतर हुआ है.
सौर ऊर्जा से बढ़ रहे रोजगार और अवसर
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह रोजगार और आत्मनिर्भरता का बड़ा जरिया बन रही है. देशभर में हजारों युवा सोलर टेक्निशियन और उद्यमी के रूप में काम कर रहे हैं. इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है, बल्कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिल रही है.
प्रधानमंत्री की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा, देश में सौर ऊर्जा क्रांति के ऐसे न जाने कितने उदाहरण हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और दूसरों को भी इससे जोड़ें. उनके अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में यह कदम न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा.
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