Mumbai: ‘रामायण’ का निर्माण करने वाले डायरेक्टर ‘रामानंद सागर’ के बेटे प्रेम सागर का निधन हो गया है. 84 वर्षीय प्रेम सागर कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे. उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां रविवार को सुबह उनका निधन हो गया.
सागर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया
प्रेम सागर दिग्गज निर्माता के साथ ही एक कुशल सिनेमैटोग्राफर भी थे. उन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन, दोनों में सागर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया और उसके प्रभाव को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अपने पिता द्वारा स्थापित प्रोडक्शन कंपनी ‘सागर आर्ट्स’ के तहत उनके काम ने कई प्रोजेक्ट्स को आकार दिया. सागर ने पुणे के फिल्म भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) से ट्रेनिंग ली थी. वह 1968 के बैच के स्टूडेंट थे. यहां से उन्होंने फोटोग्राफी और सिनेमैटोग्राफी की शिक्षा ली.
‘रामायण’ ने भारतीय टेलीविजन पर एक अमिट छाप छोड़ी
प्रेम के पिता रामानंद सागर को मशहूर टेलीविजन धारावाहिक ‘रामायण’ के निर्माण के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है. इस धारावाहिक ने भारतीय टेलीविजन पर एक अमिट छाप छोड़ी और अपने सांस्कृतिक प्रभाव के लिए आज भी उतना ही प्रसिद्ध है. ‘रामायण’ पहली बार 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था. प्रेम सागर ने इस बैनर के कई प्रोजेक्ट्स में फोटोग्राफर और सिनेमैटोग्राफर के तौर पर काम किया है.
श्री प्रेम सागर जी अब हमारे बीच नहीं रहे..
प्रेम सागर ने ‘विक्रम और बेताल’ का निर्देशन और इसे प्रोड्यूस किया था. ‘अलिफ लैला’, ‘काकभुषुंडी’, ‘रामायण’ और ‘कामधेनु गौमाता’, ‘हम तेरे आशिक’, ‘बसेरा’ जैसे प्रोजेक्ट्स को प्रोड्यूस किया. वे 1968 में आई ‘आंखे’ में इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट में थे और 1976 की ‘चरस’ में बतौर सिनेमैटोग्राफर रहे. सागर वर्ल्ड ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस दुखद खबर को शेयर किया है. जिसमें लिखा है कि..’बहुत ही दुख के साथ बताया जा रहा है कि श्री प्रेम सागर जी अब हमारे बीच नहीं रहे. उनकी अंतिम यात्रा पवन हंस जुहू में 2 बजकर 30 मिनट पर निकाली गई. उनकी आत्मा को शांति मिले. ओम शांति!
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