Rajasthan Mayra Ceremony: राजस्थान के सीकर जिले से भाई-बहन के प्रेम का एक अनोखा उदाहरण सामने आया है. रानोली क्षेत्र के भरथा वाली कोठी निवासी जादम परिवार ने अपनी बहन के घर करीब 1 करोड़ रुपये का मायरा भरकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया. यह आयोजन न केवल अपनी भव्यता के कारण बल्कि भाई के अपनी बहन के प्रति सम्मान और माता-पिता को दिए गए वचन को निभाने के कारण भी लोगों के बीच चर्चा में है.
मायरे में 51 लाख नकद और लाखों के जेवर
कुंडलपुर निवासी मोहिनी देवी के बेटे डॉ. मनोज की शादी के अवसर पर 10 मार्च को मायरे की रस्म अदा की गई. इस मौके पर बहन के तीनों भाई नारायण जादम, कैलाश जादम और छोटूराम जादम पारंपरिक अंदाज में मायरा लेकर पहुंचे.
जब मायरे की थाली खोली गई तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. थाली में 500 रुपये के नोटों की 102 गड्डियां रखी हुई थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 51 लाख रुपये थी. इसके साथ ही करीब 21 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और लाखों रुपये के कपड़े व अन्य उपहार भी दिए गए.
दुबई से आकर निभाया माता-पिता का वादा
इस भव्य मायरे के पीछे भाइयों की मेहनत और भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं. दूसरे भाई कैलाश जादम, जो दुबई में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं, ने बताया कि यह सब उनके माता-पिता के आशीर्वाद का परिणाम है.
कैलाश जादम ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता से वादा किया था कि वे अपनी बहन के लिए क्षमता से बढ़कर मायरा भरेंगे. उन्होंने भावुक होकर कहा कि बड़ी बहन मोहिनी देवी ने बचपन से ही तीनों भाइयों का मां की तरह ख्याल रखा है.
समाज के लिए सकारात्मक संदेश
दूल्हे के पिता मदन खातोदिया, जो पलसाना में व्यापार करते हैं, ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों और बहनों को दिया जाने वाला यह सम्मान समाज में सकारात्मक सोच का प्रतीक है. गौरतलब है कि 11 मार्च को डॉ. मनोज का विवाह डॉ. अंजलि के साथ संपन्न हुआ, जहां इस मायरे की चर्चा हर किसी की जुबान पर थी.
परंपरा और भावनाओं का अनोखा संगम
सीकर का यह मायरा केवल धन-दौलत का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति की उस गहरी परंपरा को दर्शाता है जहां भाई अपनी बहन की खुशियों के लिए हर संभव प्रयास करता है. यह घटना बताती है कि आधुनिक समय में भी पारिवारिक रिश्ते और परंपराएं समाज में मजबूती से कायम हैं.

