Rishikesh Bajrang Setu: उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एक रोमांचक खबर है. दरअसल, ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला के पास गंगा नदी पर बनकर तैयार हुए देश के पहले ग्लास फ्लोर केबल सस्पेंशन ब्रिज बजरंग सेतु पर अब पर्यटकों को शीशे की पारदर्शी वॉक वे पर चलने के लिए फीस देनी होगी. दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने लोक निर्माण विभाग की तरफ से तैयार की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को मंजूरी दे दी गई है. ऐसे में विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, जिसके बाद नया शुल्क ढांचा लागू कर दिया जाएगा.
ग्लास वॉकवे की टाइमिंग और फ्री एंट्री के नियम
ऐसे में यदि आप बजरंग सेतु का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं, तो इसके समय और नियमों का ध्यान जरूर रखें. बता दें कि कांच वाले हिस्से पर पर्यटक सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ही चल सकेंगे. हालांकि, पुल के बीच का कंक्रीट वाला मुख्य हिस्सा 24 घंटे और सातों दिन खुला रहेगा और इसके इस्तेमाल के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा.
बजरंग सेतु को ये बनाता है बेहद खास
बता दें कि ऋषिकेश का यह नया आकर्षण कई मायनों में भारत के बेहतरीन इंजीनियरिंग नमूनों में से एक है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह देश का पहला ऐसा केबल सस्पेंशन ब्रिज है, जिसमें कांच का पारदर्शी स्काईवॉक बनाया गया है. यह पुल टिहरी गढ़वाल के तपोवन को पौड़ी गढ़वाल के जोंक क्षेत्र से जोड़ता है.
132 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े इस पुल की लागत लगभग ₹60 से ₹70 करोड़ है. इसके बीच में 5 मीटर चौड़ा स्टील डेक दोपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया है. वहीं, सुरक्षा के लिहाज से दोनों ओर के स्काईवॉक में 12 मिमी मोटे टेम्पर्ड ग्लास की कई परतों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित रहे.