‘मैं संजय दत्त को निर्दोष मानता हूं’, कसाब से लेकर गुलशन कुमार की हत्या तक, उज्ज्वल निकम ने खोले कई राज

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Ujjwal Nikam: राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कई धमाकेदार खुलासे किए. कसाब से लेकर गुलशन कुमार की हत्या से लेकर संजय दत्त केस तक पर कई ऐसी बातें बताईं, उन्होंने संजय दत्त के बारे में कहा कि कानून की नजर में उन्होंने अपराध किया है, लेकिन वह सीधे-सादे इंसान हैं, मैं उन्हें निर्दोष मानता हूं. इसके साथ ही उन्होंने संजय दत्त से जुड़ा एक वाकया शेयर करते हुए कहा कि अगर संजय दत्त ने बंदूकें रखते समय ही पुलिस को सूचना दी होती तो मुंबई में धमाके ही नहीं होते, इसे टाला जा सकता था.

कसाब पर खुलासा

सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि कसाब बहुत ड्रामेटिक पर्सन था. एक बार मैंने उसे खूब सुनाया. उसकी बहन को लेकर कहा कि तू यहां आ गया और वहां तेरी बहन के साथ क्या हो रहा होगा. इस पर वो ड्रामा कर आंख पोंछा तो टीवी पर चलने लगा कि कसाब रो रहा था. रिपोर्टरों ने मुझे पूछा. उसके प्रति सहानुभूति बन रही थी. इसको रोकने के लिए मैंने कह दिया कि आज कसाब ने मटन बिरयानी की मांग की.  फिर मीडिया में खबर चलने लगी कि कसाब ने बिरयानी मांगी. दूसरे दिन कोर्ट में भी ये मामला उठा तो अजमल कसाब के मटन बिरयानी खिलाने की बात मैंने कह दी. कसाब से कोर्ट ने पूछा तो उसने कुछ नहीं कहा.

गुलशन कुमार केस में खुलासा

उज्ज्वल निकम ने कहा कि गुलशन कुमार हत्याकांड में संगीतकार नदीम सैफी भारत प्रत्यर्पित होने से इसलिए बच गया क्योंकि लंदन की अदालत में उसने मुस्लिम कार्ड खेला.केस मैंने नहीं लड़ा था. मैंने असिस्ट किया था. जबकि हमारी न्यायपालिका कभी भी धर्म-जाति देखकर फैसला नहीं करती. इसका उदाहरण ये है कि एक बार कसाब को फांसी दिलाने के बाद हम लोग पाकिस्तान गए थे. हमारा ऑफिशियल डेलिगेशन था. वहां पाकिस्तान के अटार्नी जनरल ने कहा कि हम भारत के सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट्स को हम फॉलो करते हैं.बाद में नदीम आना चाहता था. वो कह रहा था कि आप लोग केस वापस ले लो, मैं आ जाऊंगा तो हमने कहा कि नहीं ऐसा नहीं होगा. जब भी आओगे तो केस भुगतना पड़ेगा. आखिर में उन्होंने कहा कि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के सवाल पर राज्यसभा सांसद बनने के बाद क्या मुझे स्पेशल Public प्रॉसिक्यूटर का पद छोड़ना होगा इस पर मैं कुछ वक्त में फैसला लूंगा.

मुंबई में धमाके कभी नहीं होते- उज्जवल निकम

दरअसल, उज्जवल निकम ने संजय दत्त को लेकर कहा, “मुझे बस एक ही बात कहनी है. धमाका 12 मार्च को हुआ था, उसके कुछ दिन पहले ही एक वैन उनके (संजय दत्त के) घर आई थी. वह हथियारों से भरी थी उसमें हथगोले, एके 47 थे. अबू सलेम (गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का गुर्गा) इसे लाया था. संजय ने कुछ हथगोले और बंदूकें उठाईं. फिर उन्होंने सब कुछ वापस कर दिया और सिर्फ एक एके 47 अपने पास रख ली. अगर उन्होंने उस समय पुलिस को सूचित किया होता, तो पुलिस जांच करती और मुंबई में धमाके कभी नहीं होते.”

संजय दत्त को निर्दोष मानता हूं

उज्ज्वल निकम ने बताया कि उस समय संजय दत्त निर्दोष थे और उन्होंने हथियार इसलिए रखा था क्योंकि उन्हें बंदूकों का शौक था. उन्होंने कहा, “कानून की नजर में उन्होंने अपराध किया था. लेकिन वह सीधे-सादे इंसान हैं… मैं उन्हें निर्दोष मानता हूं.” उन्होंने कहा कि उन्होंने संजय दत्त के वकील को भी इस बारे में बताया था कि एके-47 से कभी गोली नहीं चलाई गई और प्रतिबंधित हथियार का होना “एक बात” थी. लेकिन पुलिस को सूचित न करना ही उन धमाकों का कारण बना जिसमें इतने सारे लोग मारे गए.

उज्ज्वल निकम ने संजय दत्त से क्या कहा?

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने अभिनेता संजय दत्त को क्या कहा? इस पर उज्ज्वल निकम ने कहा कि वह पहली बार इसके बारे में बता रहे हैं. मैंने संजय से कहा, ‘संजय ऐसा मत करो. मीडिया तुम्हें देख रहा है. तुम एक अभिनेता हो. अगर तुम सजा से डरे हुए लगोगे, तो लोग तुम्हें दोषी मान लेंगे. तुम्हारे पास अपील करने का मौका है.’ उन्होंने कहा, ‘हां सर, हां सर.’ बता दें कि अदालत ने संजय दत्त को टाडा के तहत आतंकवादी होने के आरोप से बरी कर दिया था, लेकिन उन्हें शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था. बाद में, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी छह साल की सजा को घटाकर पांच साल कर दिया. संजय दत्त ने यह सजा पुणे की यरवदा जेल में पूरी की थी.

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