Bharat Express 3rd Anniversary: भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में सीएमडी उपेंद्र राय ने आचार्य प्रमोद कृष्णम से पूछा कि कल्कि धाम का निर्माण कैसे शुरू हुआ. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि हर युग में भगवान अवतार लेते हैं. सतयुग, त्रेता, द्वापर और अब कलियुग में भी भगवान का अवतार होगा. पुराणों में लिखा है कि कलियुग में भगवान का अंतिम अवतार संभल नामक जगह पर होगा. इसी प्रेरणा से उन्होंने 18 साल पहले कल्कि धाम का संकल्प लिया.
‘कल्कि धाम राम मंदिर से भी बड़ा बनेगा’
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस संकल्प के रास्ते में कई रोड़े आए. बहुत से संतों ने सवाल उठाए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 18 साल के संघर्ष को शक्ति देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. 19 फरवरी 2024 को उन्होंने कल्कि धाम में आकर इसका शिलान्यास किया. यह धाम 900 करोड़ के बजट से बन रहा है और राम मंदिर से भी बड़ा होगा.
‘परमात्मा का कोई स्वरूप नहीं’
उन्होंने समझाया कि परमात्मा का कोई स्वरूप नहीं है. जैसे बल्ब जलता है या पंखा चलता है, उसे एक ऊर्जा चलाती है. वैसे ही परमात्मा सबमें है और सब परमात्मा में हैं. भगवान राम अयोध्या में प्रकट हुए, कृष्ण मथुरा में प्रकट हुए और कलियुग में भगवान संभल में प्रकट होंगे.

युवाओं को संदेश
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस सभागार में मौजूद 70 प्रतिशत युवा भारत का भविष्य हैं. उन्होंने उन्हें संदेश दिया कि जीवन में रुकावटें और आंधियां जरूर आएंगी, लेकिन संकल्प शक्ति इतनी मजबूत होनी चाहिए कि समस्याएं खुद समाप्त हो जाएं.
प्रेरणादायक पंक्तियां
उन्होंने अपनी बात को दो पंक्तियों से समझाया
“तकदीर को ना कोस, नियत आजमा के देख
शोलों के दरमियान नशीमन बनाकर देख”
उन्होंने कहा कि इंसान को अपनी नियत और संकल्प शक्ति पर भरोसा रखना चाहिए. चाहे तूफान हो या मुश्किलें, अगर हिम्मत और विश्वास है तो मंज़िल जरूर मिलेगी.
इस तरह भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कल्कि धाम की संकल्पना, संघर्ष और युवाओं को प्रेरणा से भरा संदेश दिया.