नंदन नीलेकणी बनाए गए लीक प्रूफ परीक्षाओं के जिम्मेदार, 2009 में देश को दिया ‘आधार’

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nandan Nilekani: देश के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी की अगुवाई में एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया गया है. यह टास्क फोर्स एग्जाम रिफॉर्म्स पर काम करेगी. इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी. उन्होंने कहा कि अब हमें भविष्य के बारे में सोचना है. परीक्षाओं को विश्वस्त बनाना है, ट्रांसपेरेंट बनाना है और ज्यादा से ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है, इसलिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया है, जो एग्जाम रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा.

कौन हैं नंदन नीलेकणी?

बता दें कि नंदन नीलेकणी का जन्म 2 जून 1955 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुआ था. उन्होंने कर्नाटक से ही अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और उसके बाद आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की. इसके बाद साल 1978 में उन्होंने मुंबई की पाटनी कंप्यूटर सिस्टम से अपना करियर शुरू किया था, जहां उनकी मुलाकात नारायण मूर्ति से हुई. वहीं, 1981 में नंदन नीलेकणी और नारायण मूर्ति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी खुद की कंपनी ‘इंफोसिस’ शुरू की.

इसके बाद मार्च 2002 में नंदन नीलेकणी इंफोसिस के CEO बनाए गए. साल 2009 में उन्होंने इंफोसिस छोड़ दी. फिर  2017 में वह दोबारा इंफोसिस में आए और तब से ही इसके नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं.

नंदन नीलेकणी की पहचान

इंफोसिस के को-फाउंडर: साल 1981 में नारायण मूर्ति और कुछ दोस्तों के साथ मिलकर देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी में से एक इंफोसिस की स्थापना की. वह 2002 से 2007 तक इसके CEO रहे. 2017 से नीलेकणी इसके नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं.

आधार कार्ड के जनक: जुलाई 2009 में इंफोसिस छोड़कर वह UIDAI के चेयरमैन बने. तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कहने पर उन्होंने यह पद संभाला था. उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक आईडी सिस्टम ‘आधार’ का ढांचा तैयार किया और उसे लागू किया.

UPI के आर्किटेक्ट: आज जो हम QR कोड स्कैन करके UPI से सेकंडों में पेमेंट कर पाते हैं, उसके पीछे भी नंदन नीलेकणी की बड़ी भूमिका है. दिसंबर 2016 में डिजिटल पेमेंट का फ्रेमवर्क तैयार करने वाली कमेटी में भी नीलेकणी थे. इसके बाद 2019 में RBI की एक कमेटी की अध्यक्षता भी नंदन नीलेकणी ने की थी.

सबसे अमीर भारतीयों में से एक: नंदन नीलेकणी सबसे अमीर भारतीयों में से एक हैं. फोर्ब्स के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ 2.4 अरब डॉलर है. वह सबसे बड़े दानवीरों में से एक हैं. 2023 में उन्होंने IIT बॉम्बे को 3.8 करोड़ डॉलर का डोनेशन दिया था.

 

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