Japan PM India Visit: जापान की अपनी समकक्ष सनाए तकाइची के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को शिखर वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के विस्तार, अर्धचालकों के लिए मजबूत एवं लचीली आपूर्ति शृंखला विकसित करने तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों द्वारा आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में सहयोग पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया. इस समझौते में परमाणु, रक्षा, एनर्जी और AI सेक्टर में भारत-जापान के बीच अहम समझौते हुए. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जापान की पीएम सनाए ताकाइची को ‘छोटी बहन’ कहा.

हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सना तकाइची की मौजूदगी में दोनों देशों ने कई मेमोरेंडम ऑफ कोऑपरेशन (MoC) पर हस्ताक्षर किए. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने सना तकाइची का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपनी “छोटी बहन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री तकाइची, मेरी छोटी बहन, दोनों देशों के प्रतिनिधियों और मीडिया के साथियों का मैं स्वागत करता हूं. भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए उनकी पहली भारत यात्रा पर मुझे बेहद खुशी है.

पीएम मोदी ने कहा कि सना तकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी नेता हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनका नारा प्रांत भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की पहली भारत यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं…वे जापान की नारा… https://t.co/9VpQqUIyaz pic.twitter.com/8rg9nOf9s7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 2, 2026
मालूम हो कि जापान की प्रधानमंत्री तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. महत्वपूर्ण खनिजों और औषधि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी दोनों पक्षों द्वारा विस्तार से विचार-विमर्श आज किया है. भारत और जापान के संबंध हाल के वर्षों में और मजबूत हुए हैं. दोनों देशों के संबंधों को 2014 में विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी का दर्जा दिया गया था. दोनों देश 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे। ऐसे में सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, आर्थिक सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। अब इस द्विपक्षीय ढांचे में संवाद के 70 से अधिक तंत्र शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष अगस्त में तोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान की यात्रा की थी. वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों की साझेदारी के रणनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने वाला प्रमुख मंच है.

