‘रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से बनेगा विकसित भारत 2047’, भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में बोले गौड़ ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौड़

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bharat Express 3rd Anniversary: भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में गौड़ ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को विकासशील से विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है. यह कठिन है लेकिन संभव है. उन्होंने कहा कि अच्छे ऑफिस, इमारतें, सड़कें, स्मार्ट और सेल्फ-सस्टेनेबल शहर किसी भी विकसित देश की पहचान होती हैं और इसके पीछे रियल एस्टेट की अहम भूमिका होती है.

बदलाव की रफ्तार

मनोज गौड़ ने बताया कि पिछले 20 सालों में और खासकर पिछले 10 सालों में बड़ा बदलाव आया है. कोविड के बाद तो यह बदलाव और तेज हुआ. लोगों की सोच बदली, टेक्नोलॉजी आई, सरकार की नीतियां बदलीं, बिल्डिंग बाय-लॉ बदले, ऑनलाइन अप्रूवल सिस्टम आया और एनवायरमेंट क्लियरेंस की प्रक्रिया भी बदली. उन्होंने कहा कि सरकार और रियल एस्टेट सेक्टर का विजन अब एक दिशा में चल रहा है और अगले 10 सालों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा.

डिजाइन और सस्टेनेबिलिटी

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिल्डिंग की डिजाइन बदलेगी, सस्टेनेबिलिटी बढ़ेगी, टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ेगा और स्पेस प्लानिंग बदलेगी. यह यात्रा अभी शुरू हुई है और भविष्य में इसका असर और गहरा होगा.

घर मिलने में देरी की समस्या

मिहिर रंजन ने सवाल उठाया कि पिछले 20-25 सालों में बहुत घर बने लेकिन घर मिलने में देरी, रजिस्ट्री में देरी और अधूरे प्रोजेक्ट जैसी समस्याएं भी रहीं.

RERA से आया बदलाव

मनोज गौड़ ने कहा कि यह समस्या खासकर 2016 से पहले थी क्योंकि उस समय रियल एस्टेट सेक्टर रेगुलेटेड नहीं था. कोई भी डेवलपर बन सकता था और तय नियम नहीं थे. लेकिन 2016 में RERA आने के बाद तस्वीर बदल गई. अब 99% प्रोजेक्ट समय पर पूरे हो रहे हैं क्योंकि रेगुलेटरी बॉडी सब मॉनिटर करती है.

क्वालिटी पर जोर

उन्होंने कहा कि अब बिना अप्रूवल के विज्ञापन नहीं दिए जा सकते और बिना RERA रजिस्ट्रेशन के प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं हो सकते. इससे क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पर ध्यान दिया जा रहा है. अब वही डेवलपर बचे हैं जो सीरियस हैं. उनकी सलाह है कि हमेशा RERA नंबर देखें, डेवलपर का रिकॉर्ड देखें और पहले क्या डिलीवर किया है यह जांचें.

RERA पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

गौड़ ग्रुप के एमडी मनोज गौड़ ने कहा कि पूरे देश में RERA अच्छा काम कर रहा है. महाराष्ट्र, यूपी, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में यह काफी प्रभावी है. उन्होंने कहा कि हर नया कानून समय के साथ मजबूत होता है और RERA भी लगातार evolve हो रहा है. आज जो विवाद हैं, वे ज्यादातर 2016 से पहले के प्रोजेक्ट से जुड़े हैं.

कोविड के बाद प्रॉपर्टी के दाम क्यों बढ़े?

मनोज गौड़ ने बताया कि कोविड से पहले 6-7 साल तक रियल एस्टेट सेक्टर कमजोर रहा और रेट वास्तविक नहीं थे. कोविड के बाद लोगों की जरूरतें बदलीं. बड़े घर, वर्क फ्रॉम होम, पढ़ाई घर से, ज्यादा स्पेस की मांग बढ़ी. साथ ही कंस्ट्रक्शन कॉस्ट, कंप्लायंस कॉस्ट, जीएसटी, एनवायरमेंट नियम और लेबर कॉस्ट बढ़ने से प्रॉपर्टी के दाम ऊपर गए.

महंगे घरों की डिमांड

उन्होंने कहा कि 40 करोड़ वाले घरों की मांग कम है लेकिन 1.5 से 3 करोड़ तक के घरों की डिमांड बहुत ज्यादा है. कई प्रोजेक्ट पहले दिन ही बिक गए. लोग अच्छी लोकेशन, अच्छा डेवलपर, अच्छी डिजाइन और सुविधाएं चाहते हैं. हालांकि 1 करोड़ से नीचे के घर कम बन रहे हैं क्योंकि जमीन महंगी हो गई है.

दिल्ली-एनसीआर का विस्तार

इसी कड़ी में मनोज गौड़ ने कहा कि अगले 10 साल में एक्सप्रेसवे के आसपास पूरा डेवलपमेंट होगा. लेकिन सिर्फ फैलना समाधान नहीं है, हमें Vertical growth करनी होगी. जहां इंफ्रास्ट्रक्चर मेट्रो, रोड, स्कूल, हॉस्पिटल है वहीं ऊंची बिल्डिंग बनानी होंगी.

Vertical growth और इंफ्रास्ट्रक्चर

मनोज गौड़ ने कहा कि आज की बिल्डिंग पहले जैसी नहीं है. अब हर प्रोजेक्ट में पार्किंग प्लान, STP, वेस्ट मैनेजमेंट, ग्रीन बिल्डिंग और सोलर एनर्जी शामिल होती है. उन्होंने बताया कि भविष्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ेगा, मेट्रो का विस्तार होगा और मल्टी लेवल ट्रांसपोर्ट आएगा.

शहरीकरण और भविष्य

उन्होंने कहा कि आज भारत में 25-30% लोग शहरों में रहते हैं. 2047 तक यह आंकड़ा 40-45% तक पहुंच जाएगा. इसलिए हमें Out of the box सोच, नई टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी.

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