बजटीय प्राविधानों के चलते भारत बनेगा ऑरेंज इकानामी का ग्लोबल लीडर: डा. दिनेश शर्मा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Budget 2026 Dinesh Sharma Reaction: राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि इस बजट ने भारत को आरेंज इकोनॉमी का ग्लोबल लीडर बनाने की दिशा तय कर दी है. उन्होंने कहा कि अब दुनिया भारत के युवाओं के रचनात्मक कौशल से रूबरू होगी. विजुअल इफेक्ट्स, कंटेंट क्रिएशन और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत का बोलबाला होगा. इसके लिए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी. साथ ही देश के 15,000 स्कूलों और 5,000 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटिव लैब बनाई जाएंगी.

डॉ. शर्मा ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया था. इस बजट में प्रधानमंत्री के उस मंत्र को मूर्त रूप दिया गया है. उन्होंने बजट को सर्वसमावेशी और हर वर्ग के उत्थान को समर्पित बताया. बैंकिंग सेक्टर को जनता के लिए खोलने के बाद अब सरकार इसे आत्मनिर्भर और विकसित भारत की जरूरतों के अनुरूप बनाने जा रही है. बैंक अब विकास के नए साथी बनेंगे.

बजट से हासिल होगा विकसित भारत का लक्ष्य 

डॉ. शर्मा ने कहा कि बजट आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य को समर्पित है. सरकार ने विकास के साथ राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा है. कारपोरेट और म्यूनिसिपल बांड को प्रोत्साहन छोटे शहरों के विकास के लिए वरदान साबित होगा. वहीं शहरों की जरूरत के मुताबिक अवस्थापना सुविधाएं तैयार होंगी. नए आयकर अधिनियम के लागू होने के बाद अब टैक्स सिस्टम सजा देने वाला नहीं बल्कि सहयोग देने वाला होगा.

इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर रोजगार पर जोर

बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खास जोर दिया गया है. जिसके अंतर्गत देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने से रेल क्षेत्र का स्वरूप बदल जाएगा. रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय के प्रस्तावों से रोजगार सृजन, निजी निवेश और क्षेत्रीय संतुलन को बल मिलेगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तटीय पर्यटन स्थलों की पहचान, औद्योगिक कॉरिडोर का विकास, हरित परिवर्तन के लिए ई-बसों की व्यवस्था, अस्पतालों में आपात व ट्रॉमा केयर का विस्तार और उन्नत तकनीक में निवेश सरकार की स्थाई विकास की दिशा को दर्शाते हैं.

यूनिवर्सिटी टाउनशिप और NID का ऐलान

डॉ. शर्मा ने बजट के मौके पर कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित की जाएंगी. इसका सीधा लाभ यहां पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा. यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि इंडस्ट्री और रोजगार सीधे उच्च शिक्षा से जुड़ सकें. केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी.

इन विश्वविद्यालयों में स्किल सेंटर बनाए जाएंगे जहां पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. हाईटेक लेबोरेटरी, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब भी होंगे. ये टाउनशिप न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा करेंगी. पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा.

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